कृषिसेवा, कृषि‍ की एक आनलाईन पत्रिका है। इसका प्रकाशन पारंम्‍परि‍क पत्रि‍काओं और जर्नलों के इस्‍यू मोड प्रकाशन वि‍धि‍ से अलग , रोलिंग मोड में किया जाता है।अर्थात जैसे ही आलेख प्रविटियां प्राप्‍त होती है तुरन्‍त ही उन्‍हे प्रकाशित किया जाता है। 

कृषिसेवा का मुख्‍य उद्देश्‍य सूचना तकनीक की सहायता से कृषि के वि‍काश मे सहयोग करना तथा कृषि‍ शोध ज्ञान एवं अनुभवों से प्राप्‍त जानकारी का कृषि‍ जगत मे प्रचार व प्रसार करना है। कृषि‍सेवा की शुरूआत 2004 में हुई थी और तभी से इसका आनलाईन प्रकाशन ओपन एक्सेस पॉलिसी के तहत कि‍या जाता है। कृषि‍सेवा के माध्‍यम से किसानों को खेती से संबधित जानकारी मुफ्त में उपल्‍ब्‍ध कराई जाती है।

 

 

कृषिसेवा मे  उन्‍नत खेती के तरीको, फसलो की उन्‍नत किस्‍मों की जानकारी, फसलों को उगाने का उचि‍त समय, फसल उगाने के लि‍ए बीज की मात्रा तथा फसलो मे होने वाली बि‍मारि‍यों से बचाव  जैसी अनेको उपयोगी जानकारी उपलब्‍ध है। 

इस पत्रिका में प्रकाशित कृषि से संबध्ति लेख वैज्ञानिको व शोध करताओं तथा प्रगतीशील कि‍सानो द्वारा उपलब्‍ध करवाये जाते है। संपादकीय टीम द्वारा चयन के बाद आलेखों को प्रकाशित किया जाता है। प्रत्‍येक आलेख लेखक के नाम व पते के साथ प्रकाशित किया जाता है।

लेख मे उपलब्‍ध जानकारी सरल भाषा मे तथा किसानोपयोगी हो इसका विशेष ध्‍यान रखा जाता है। लेख मे दिये गये संकलित आंकडे व उनका निर्ष्‍कष लेखकों के विचारो की अभिव्‍यक्‍ति है। यह पत्रिका लेखों मे प्रकाशित आंकडो व निर्ष्‍कषों का प्रमाणीकरण नहीं करती।

यहां प्रकाशित लेखों तथा अन्‍य सभी  सामग्री पर कृषिसेवा का पुर्ण स्वामित्व है तथा यहां प्रकाशि‍त कि‍सी भी सामग्री का व्यावसायिक प्रकाशन पूर्व अनुमति‍ के बि‍ना करना अवैध तथा गैरकानूनी है तथापि यहां प्रकाशि‍त लेखोंं के सीधे लि‍ंक देने पर कोई प्रति‍बंध नही है। 

जो ऑनलाइन है

We have 397 guests and no members online