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कृषिसेवा एक आनलाईन मैगजीन है जि‍समें कृषि‍ से सम्‍बंधि‍त लेखों का रोलि‍ंग मोड में, यानि‍ जैसे ही प्रविटियां प्राप्‍त होती है वैसे ही, प्रकाशन किया जाता है। हमारा उद्देश्‍य सूचना तकनीक के माध्‍यम से किसानों को खेती से संबधित जानकारी ऑनलाईन उपल्‍ब्‍ध कराना है। इस ऑनलाईन पत्रि‍का में वि‍शेषज्ञों से प्राप्‍त लेखों से खेती के उन्‍नत तरीके, फसलो की अच्‍छी किस्‍में, उगाने का उचि‍त समय व बीज की मात्रा तथा फसलो का बि‍मारि‍याे व कीट-पतंगों से बचाव, खेती भूमि‍ की पारम्‍परि‍क व नई माप तोल वि‍धि‍ जैसी वि‍वि‍ध उपयोगी जानकारी लगातार प्रकासि‍त होती हैै। 

 

चारा फसलों की उन्‍नत किस्‍में

पशुओं से अधिक दुग्ध उत्पादन लेने के लिए किसान भाईयों को चाहिए कि वे ऐसी बहुवर्षीय हरे चारे की फसले उगाऐं  जिनसे पशुओं को दलहनी एवं गैरदलहनी चारा वर्ष भर उलब्ध हो सकें।  रबी एवं खरीफ के लिए पौष्टिक हरा चारा उगाने की योजना कृषकों को अवश्य बनानी चाहिए।  खरीफ एवं रबी के कुछ पौष्टिक हरे चारे की उन्‍नत किस्‍में इस प्रकार है।

 चारा फसल

किस्‍में

बीज की दर

मक्‍का J-1006, किसान, अफ्रीकन टाल एवं विजय, टाइप-41, मक्का गंगा-2, गंगा-7, 50- 60 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर बीज शुद्ध फसल की बुआई के लिए।  फलीदार चारे जैसे लोबिया के साथ 2:1 के साथ मिलाकर बोना चाहिए।
रिजका Anand-2, Anand-3, LLC3, T-9, RL-88,RL-48  
बरसीम UPB-110, Bundel barsim 2, वरदान जे.वी.-1 तथा वी.एल.-1, वी.एल.-10, जे.एच.वी.-146 25-30 कि.ग्रा. बीज की आवश्यकता प्रति हेक्टेयर
लोबिया IC-4216,Haryana lobia-88, रशियन जायन्ट, एच.एफ.सी.-42-1, यू.पी.सी.-5286, यू.पी.सी.-5287, यू.पी.सी.-287, एन.पी.-3, बुन्देल लोबिया (आई.एम.सी.-8503), सी.-20, सी.-30.-558) अकेले बोने के लिए 40 कि.ग्रा. बीज प्रति हेक्टेयर पर्याप्त होता है।  मक्का या जवार के साथ मिलाकर बुआई के लिए 15-20 कि.ग्रा. बीज प्रयोग करना चाहिए।
जौं  Azad, K141 , Ratna, RD 2035 , RD 2552, RD 2715 and BHS 380, कैन्ट (यू.पी.ओ.-94), यू.पी.ओ.-212, ओ.एस.-6, जे.एच.ओ.-822, जे.एच.ओ.-851 100-120 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर
ज्वार

मीठी ज्वार (रियो): पी.सी.-6, पी.सी.-9, यू.पी. चरी 1 व 2, पन्त चरी-3, एच.-4, एख्.सी.-308, हरियाणवी चरी-171, आई.जी.एफ.आर.आई.एम.-452, एस.-427, आर. आई.-212, एफ.एस.-277, एच.सी.--136

बहु कटान वाली ज्वार प्रजातियां: एम.पी. चरी एवं पूसा चरी-23, एस.एस.जी.-5937 (मीठी सुडान), एम.एफ.एस.एच.-3, पायनियर-998

छोटे बीजों वाली किस्मों में बीज 25-30 कि.ग्रा. तथा दूसरी प्रजातियों का 40-50 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर रखना चाहिए।  लोबिया के साथ 2:1 के अनुपात में बोना चाहिए। 
ग्‍वार

टाइप-2, एफ.ओ.एस.-277 एवं एच.एफ.सी.-119, एच.एफ.सी.-156, बुन्देल ग्वार-1, आई.जी.आर.आई.-212-9, बुन्देल ग्वार-2

शुद्ध फसल के लिए 40 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर मिलवां फसल के लिए 15-16 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर
बाजरा

संकर में पूसा-322, पूसा-23, संकुल में राज-171, डबलू.सी.सी.-75

शुद्व फसल के लिए 10-12 कि.ग्रा. बीज पर्याप्त होता है।  मिलवां फसल में 2ः1 अनुपात में बाजरा तथा लोबिया

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