Author: Keshav Kshirsagar

Environmental friendly agriculture through bio fertilizers खेत की मिट्टी एक जीवंत माध्यम है जिसमें प्रति ग्राम करोड़ों की संख्या में लाभदायक/मित्र जीवाणु पाए जाते हैं। कुछ पौधों जैसे कि  चना, सोयाबीन, मूंगफली आदि फलीदार फसलों की जड़ों पर गुलाबी गांठों के रूप में भी सूक्ष्म जीवाणु निवास करते हैं। यह जीवाणु अपनी जैविक क्रियाओं द्वारा वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण या मिट्टी में अनुपलब्ध दशा में मौजूद पोषक तत्वों को उपलब्ध दशा में परिवर्तित करते  रहते हैं तथा फसल उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान  प्रदान करते हैं। सघन खेती में रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से इन मित्र जीवाणुओं की संख्या में कमी आई है तथा मिट्टी स्वास्थ्य में भारी गिरावट आई है। इसकी उत्पादन...

बीजोपचार - गेहूँ की स्वस्थ फसल का आधार  भारत में उगाई जाने वाली खाद्यान्न फसलों में गेहूँ एक प्रमुख फसल है जो समस्त भारत में लगभग 30.31 मिलियन हैक्टर क्षेत्रफल पर उगाई जाती है जो कुल फसल क्षेत्रफल का लगभग 24.25 प्रतिशत है । फसल सत्र 2019-20 के दौरान भारत में 107.59 मिलियन टन गेहूँ का उत्पादन हुआ । कृषि उत्पादकता और उत्पादन में निरंतर वृद्धि के लिए बीज एक महत्वपूर्ण आवक है क्योंकि लगभग 90 प्रतिशत खाद्यान्न फसलें बीज से ही तैयार की जाती हैं । कृषि क्षेत्र में बीज की भूमिका का भारत जैसे विकासशील देश में बहुत महत्व है जहाँ की जनसंख्या मूलभूत आवश्यकताओं और रोजगार के लिए कृषि...

परवल की वैज्ञानिक विधि से खेती परवल को ट्राइकोसेन्थेस डियोका ( Trichosanthes dioica) या पाॅइंटि‍ड गोड (Pointed gourd)  के नाम से भी जाना जाता है। यह एक बेल वाली सब्‍जी फसल है। परवल का सब्जियों में विशिष्ट स्थान है, इसके के फल सुपाच्य होते है तथा शरीर के परिसंचरण तंत्र को बल प्रदान करते है इससे मिठाइयां भी बनाई जाती है | भारत में इसकी खेती पश्चिम बंगाल, असाम, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा मध्य प्रदेश में बहुतायत सेे की जाती है | उत्तर प्रदेश में परवल की खेती मुख्यतया बलरामपुर, बस्ती, गोरखपुर, गोंडा, बस्ती, बलिया. गाजीपुर, वाराणसी, सुलतानपुर एवं अन्य तराई क्षेत्रो में की जाती है |   परवल की कि‍स्‍में :  परवल...

बीज उधोग में बीज प्रसंस्करण Seed lot obtained from the field, moisture content high and contains various impurities such as plant parts, sand, gravel particles, besides off-size seeds, weed seeds, damaged and deteriorated seeds. As a result, the quality and quantity of the seeds are reduced so a processing plant or unit required for healthy and improved seeds. Seed processing refers to all the steps essential for preparation of harvested seed for marketing, i.e. drying, cleaning, grading, treating, bagging or packaging and storage of the seed, obtained after harvesting and threshing. So, seed processing is an important segment of the seed industry. Principle of the seed processing Complete cleaning and separation: The seeds free...

Fungus biofertilizer that increases crop productivity बढ़ती आबादी की माँगों को पूरा करने और भूख की समस्याओं को कम करने के दबाव ने शानदार  वैज्ञानिक प्रौद्योगिकियों और कृषि विज्ञान प्रथाओं को आगे बढ़ाया है। कवक (फफूंद) समुदायों के विविध समूह मृदा-पादप प्रणालियों के प्रमुख घटक हैं, जहां वे राइजोस्फीयर / एंडोफाइटिक / फेलोस्फेरिक इंटरैक्शन के गहन नेटवर्क में लगे हुए हैं। कवक स्थायी कृषि के लिए एक महत्वपूर्ण और आशाजनक उपकरण के रूप में उभरा है।  कवक को स्थायी कृषि के लिए रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैव उर्वरक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। जैविक विज्ञान के तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक, माइक्रोबायोलॉजी, उपयोगी उत्पादों के उत्पादन...

मिर्च की खेती के लिए नर्सरी की तैयारी मिर्च को सामान्य रूप से प्रत्यारोपित किया जाता है क्योंकि बहुत बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं और विशेष देखभाल दी जा सकती है, जब पौध नर्सरी में तैयार की जाती है| मि‍र्च नर्सरी के लिए साइट का चयन चयनित क्षेत्र अच्छी तरह से सूखा होना चाहिए, और जल जमाव से मुक्त होना चाहिए उचित धूप होनी चाहिए, नर्सरी को पानी की आपूर्ति पास होनी चाहिए ताकि सिंचाई आसान हो सके। इस क्षेत्र को पालतू और जंगली जानवरों से अच्छी तरह से संरक्षित किया जाना चाहिए। कार्बनिक पदार्थों से भरपूर रेतीली दोमट और दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है ।। स्वस्थ रोपाई के लिए, बीज और मिट्टी को रोगज़नक़ और कीट से...

गेहूं उत्पादन तकनीक गेहूँ रबी ऋतु में उगाई जाने वाली अनाज की एक मुख्य फसल है।  क्षेत्रफल एवं उत्पादन दोनों ही दृष्टि से विश्व में धान के बाद गेहूँ दूसरी सबसे महत्त्वपूर्ण फसल है। गेहूँ अनाज के साथ-साथ भूसे के रूप में पशु आहार के लिए प्रमुख स्रोत है। गेहूँ का मुख्य उत्पादन उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर में होता है। हरियाणा राज्य में गेहूँ  की फसल लगभग 25 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में उगायी जाती है और इसकी औसत उपज लगभग 3172 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर है । हरियाणा क्षेत्र में गेहूँ का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाये जाने की अपार सम्भावनायें...

Beekeeping a means of successful employment मधुमक्खी अर्थात मौन हमारे जीवन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार से लाभदायक है। प्रत्यक्ष रुप से इसके पालन से हमें मधु, मोम, रॉयलजैली या राजअवलेह, मधुमक्खी गाेंद आदि बहुमूल्य पदार्थों की प्राप्ति होती है। अप्रत्यक्ष रुप से ये फसलों में पर-परागण की क्रिया करके उनकी पैदावार में वृध्दि कर देती है। हमारे प्रदेश में भूमि के जोत प्राय: बहुत ही छोटे हैं। इसके पालन में अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इस व्यवसाय को किसान, बागवान एवं खेतिहर मजदूर भी आसानी से कर सकते हैं। इसमें शारीरिक परिश्रम अधिक न होने से ग्रामीण महिलाएं भी अपने घरेलू कार्य के साथ कर सकती है। इसमें...