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पौधों में आवश्यक पोषक तत्वों के कार्य और कमी के लक्षण

पौधों की स्वस्थ वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जानें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, आयरन, बोरॉन और अन्य...

गेहूँ का सेहूँ (सीड गॉल/ईयर कॉकल -Seed Gall/Ear Cockle) रोग : लक्षण, बचाव और नियंत्रण

गेहूँ का सेहूँ रोग, जिसे सीड गॉल, ईयर कॉकल या कॉकल रोग भी कहा जाता है, एक महत्वपूर्ण सूत्रकृमि-जनित रोग है। इसका प्रमुख कारक Anguina...

क्विनोआ की खेती: भारत में उत्पादन, बुवाई, लागत और पूरी जानकारी

भारत में क्विनोआ की खेती: जलवायु, मिट्टी, बुवाई, सिंचाई और उत्पादन की पूरी जानकारी क्विनोआ एक पौष्टिक अनाज जैसा खाद्य बीज है, जिसकी मांग पिछले...

ग्रीष्मकाल में ऊँटों का बेहतर प्रबंधन

ऊँट को भले ही “रेगिस्तान का जहाज” कहा जाता है, क्योंकि वह अत्यधिक गर्मी, सूखे वातावरण और पानी की कमी जैसी कठिन परिस्थितियों में भी...

संतुलित उर्वरक उपयोग एवं प्राकृतिक खेती पर आधारित किसानों हेतु तैयार-प्रयोग मार्गदर्शिका

भूमिका मृदा स्वास्थ्य कृषि उत्पादन की आधारशिला है। स्वस्थ मिट्टी ही लंबे समय तक टिकाऊ उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता और कम लागत वाली खेती सुनिश्चित करती...

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