Soil & Fertilizers

Mesorhizobium siceri, the unsung hero of agriculture and the magic of nitrogen fixation Plants depend on a complex process called nitrogen fixation, which converts atmospheric nitrogen into a form that plants can absorb and use. Mesorhizobium siceri helps in this process and forms mutually beneficial relationships with certain plants, especially chickpea (Cicer arietinum), changing the way we look at sustainable agriculture. जब हम कृषि के बारे में सोचते हैं, तो फसलों के विशाल खेतों, व्यस्त किसानों और विशाल ट्रैक्टरों की कल्पना करते हैं। लेकिन उन फलते-फूलते खेतों की सतह के नीचे एक मूक नायक है, जो कुछ फसलों के विकास और सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस लेख में हम मेसोरहिज़ोबियम...

जैविक खेती: मिट्टी की स्थिरता में सुधार का तरीका According to organic farming, it is an agricultural practice that upholds, enhances, and maintains the standard of quality of our ecosystem. In organic farming, crops are grown without the use of synthetic chemicals, recycled inorganic fertilizers, or other potentially dangerous materials like herbicides and insecticides. By returning to our original technique of farming, which is devoid of chemicals, pesticides, and fertilizers, the phenomena of "Organic agriculture" is the only way to nourish the land and rejuvenate the soil. By opting not to utilize chemicals, synthetic materials, pesticides, or growth hormones to produce high nutritional quality food in sufficient quantities, this is a potential step...

Soil Health for Agriculture and Environmental Sustainability Soil health, like human health, is an interaction between physical, chemical and biological processes. Adequate food production for the increasing population is not possible without healthy and fertile soil. Soil is one of the natural resources that supports human civilization. Soil Health for Agriculture and Environmental Sustainability मृदा स्वास्थ्य, मृदा की वह क्षमता जो जैविक  उत्पादकता और पर्यावरणीय गुणवत्ता बनाए  रखने, पौधे, पशु और मानव स्वास्थ्य को बढावा देने के लिए  एक महत्वपूर्ण  जीवित  प्रणाली के  रूप में  कार्य करती  है। मृदा स्वास्थ्य, मानव स्वास्थ्य की तरह भौतिक, रासायनिक और जैविक  प्रक्रियाओं  के  बीच परस्पर क्रिया है।  बढती हुई जनसंख्या के विए पर्याप्त खाद्य उत्पादन बिना...

कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव का चयन एवं उनका वैज्ञानिक तरीके से उपयोग Today, organic farming is being considered as an alternative to chemical farming all over the world. Farmers can get good profit by using bacterial fertilizers. For nutrient management in organic farming, it becomes necessary for the farmers to use different types of bacterial fertilizers so that there is no decline in crop production and productivity and soil fertility remains intact. वर्तमान में कृषक अपने खेतों की उत्पादकता बढ़ाने के लिये विभिन्न रसायनों का इस्तेमाल करके फसलों का अधिक उत्पादन ले रहे हैं। रसायनों खाद और दवा के प्रयोग से खेती में विकास तो हुआ परन्तु इसके दुष्परिणाम भी सामने आये जैसे...

पौधों के विकास में सूक्ष्मजीवों की भूमिका Microorganisms have developed diverse strategies to survive and compete for the resources of their habitat, and one of them is the production of inhibitory substances. Growth-inhibitory microbes are microorganisms that produce compounds or enzymes that inhibit other microorganisms. inhibit the growth or metabolism पौधों के विकास में सूक्ष्मजीवों की भूमिका एक सूक्ष्मजीव एकल-कोशिकिय या बहुकोशिकीय सूक्ष्म जीव हो सकता है जो आम तौर पर केवल एक माइक्रोस्कोप के माध्यम से देखा जा सकता है। सूक्ष्मजीवों में बैक्टीरिया, कवक, आर्किया, प्रोटोजोआ, वायरस इत्यादि शामिल हैं। ये पृथ्वी पर सबसे गहरे महासागरों से लेकर सबसे ऊंचे पहाड़ों तक हर जगह पाए जाते हैं, और विभिन्न पारिस्थितिक प्रक्रियाओं जैसे पोषक...

Importance and factors affecting of earthworms in soil मृदा मानव जाति की सबसे बड़ी विरासत है और सबसे मूल्यवान प्राकृतिक संसाधन भी है। इंसान ऐतिहासिक रूप से शिकार पर निर्भर थे और जीवनयापन के लिए भोजन का संग्रह  मृदा  से करते थे। हमारे मृदा के साथ संबंध मृदा की जुताई से जुड़े है। जिसके कारण आज मानव सभ्यता का विकास हुआ है और ये मानव और मृदा के संबंध को देख कर हम कह सकते है की मृदा कृषि के लिए एक आधारभूत हिस्सा है । आज-कल देखा जा रहा है की वन कटाई, अधिक चराई, फसल जलाना, अधिक मात्रा में कृषि रसायन एवं कम कार्बनिक खाद का प्रयोग और कृषि योगय...

Improvement of saline and alkaline soils  मृदाओं में अधिकांश मृदाये लवणीय हैं जिनका समुचित सुधार सतही मृदा से लवणों का निक्षालन ढलान के नीचे की ओर जल निकास नाली बनाकर किया जा सकता हैं इन मृदाओ में लवण सहिष्दु किस्मो का चयन कर फसलो की खेती करना अधिक लाभप्रद रहता हैं l क्षारीय मृदाओ का शेत्रफल करीब 18 से 20% हैं तथा ये मृदाऐ चूनायुक्त भी हैं l इन मृदाओ के सुधार हेतु निम्न प्रक्रियाए अपनानी चाहिए l इन मृदाओ को सुधारने की विधियों को तीन समूहों में वर्गीकृत किया जाता हैं:- भौतिक एवं जल –तकनीक सुधार रासायनिक सुधार जैविक सुधार l 1. भौतिक एवं जल – तकनीक सुधार :- यांत्रिक विधिया इन मृदाओ के भौतिक गुडों को...

Soil Biodiversity Harness and Management for Sustainable Agricultural मृदा जीव पारिस्थितिकी तंत्र का एक अभिन्न अंग हैं। मिट्टी का बायोटा पौधों और जानवरों / मानव जीवन को बनाए रखने के लिए अत्यावश्यक है। मृदा  मैं रहने वाले सूक्ष्मजीव मिट्टी की प्रक्रियाओं में आवश्यक भूमिका निभाते हैं जैसे कि कार्बन / पोषक तत्व चक्र , पौधों द्वारा पोषक तत्व और मिट्टी कार्बनिक पदार्थ (एसओएम) का गठन। मृदा में कई ऐसे जीवाणु है जो वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का यौगिकीकरण करते हैं। इस बात के भी प्रमाण बढ़ रहे हैं कि मिट्टी की जैव विविधतापौधों, जानवरों और मनुषय कीटों और बीमारियों के नियंत्रण में योगदान करते  है। खाद्य उत्पादन काफी हद तक जैव विविधता और पारिस्थितिक तंत्र...