Crop disease

नींबू घास की खेती और कीटनाशक के रूप में उपयोग Lemon grass (Cymbopogan flexuosus) is native aromatic tall sedge belongs to Poaceae which grows in many part of tropical and sub tropical South East Asia and Africa. Lemongrass was introduced in India about a century back and now it need to be commercialize in large scale. In India, Lemon grass natural cultivation is along with Western Ghats, Karnataka, Tamil Nadu and foot hills of Arunachal Pradesh and Sikkim. Now colder part of the world also started growing Lemongrass but due to climate it is annual crop in those regions while in warmer places it is perennial crop.. Lemon grass is tall sedge with dense...

आम का गुच्छा-मुच्छा रोग: आम उत्पादन में एक गम्भीर समस्या The disorder was first reported by Maries (Watt, 1891) in Darbhanga, Bihar (India). In the last three decades or so it has assumed an alarming situation in the Northern India where it is threatening for the mango growers because all the commercial cultivars are highly susceptible to malformation. It widely occurs in Punjab, Delhi, Uttar Pradesh and less prevailing in Gujarat and Maharashtra. However, it is negligible in West Bengal and Bihar. The southern mango growing regions like Tamil Nadu, Andhra Pradesh, Karnataka and Kerala almost free from this disorder. Symptoms of malformation: The incidence of malformation varies from year to year, cultivar to cultivar...

Integrated Management of Fruit Flies in Horticultural Crops फल-सब्जियॉ हमारे भोजन का अभिन्न अंग है। इनसे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक विटामिनों एवं खनिज लवणों की आपूर्ति होती है।  बागवानी फसलेंं कृषि‍ आमदनी का प्रमुख स्त्रोत है परन्तु इन पर लगने वाले कीटों का समय पर प्रबन्धन न किया जायें तो उत्पादन घटने के साथ-साथ गुणवत्ता में भारी कमी आ जाती है। फल मक्खी बागवानी फसलों का एक हानिकारक कीट है, जो समस्त भारत में पायी जाती है। फल मक्खी लगभग सभी प्रकार के फल व सब्जियों को नष्ट करती है, जिससे किसान को काफी आर्थिक हानि उठानी पडती है। फल मक्‍खी का जीवन चक्र :- वयस्क फलमक्खी लगभग 7 मि. मी. लम्बी होती है,...

Soybean Crop and its 6 Major Insects सोयाबीन (ग्लाइसिन मैक्स), जिसे कई जगह सोजाबीन के नाम से भी जाना जाता है,एक खरीफ की वार्षिक फसल है|  इसे व्यापक रूप से खाद्य बीन के लिए उगाया जाता है तथा यह दलहन के बजाय तिलहन की फसल मानी जाती है | इसके मुख्य घटक प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, एवं वसा होते हैं | प्रोटीन की अधिक मात्रा होने के कारण इससे दूध उत्पाद बनाए जाते हैं | यह पशु आहार और भोजन के लिए प्रोटीन का एक अच्छा और सस्ता स्रोत है |  इससे बनने वाले खाद्य पदार्थो में सोया सॉस,और किण्वित बीन पेस्ट, नाटो,और टेम्पेह शामिल हैं|  सोयाबीन का वनस्पति तेल, खाद्य और औद्योगिक अनुप्रयोगों...

Six major disease of brinjal and their management बैंगन भारत में उगाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण सब्जी फसल है। उच्च तुंगता वाले क्षेत्रों के अलावा यह संपूर्ण भारत में उगाई जाती है। इसकी खेती वर्षभर की जा सकती है। यह एक बहुवर्षीय फसल के रूप में उगाई जा सकती है। परंतु इसे एक वर्षीय फसल के रूप में उगाया जाता है। बैंगन की किस्मों मे आकार आकृति के आधार पर व्यापक विविधता पाई जाती है। यह अंडाकार से लेकर लंबे क्लब आकार के हो सकते हैं तथा रंगों में यह सफेद पीले या बैंगनी या कालिमा लिए हुए हरे रंग के हो सकते हैं। बैंगन के पौधे पर विभिन्न जीवन प्रावस्थाओं में विभिन्न...

Integrated management of Major diseases of Okra and Chilli 1. भिण्डी में पाऊडरी मिल्डयू अथवा चूर्ण फंफूदी रोग रोग के लक्षण - यह भिण्डी का एक प्रमुख रोग है जो देरी से बोई गई फसल पर अत्यधिक संक्रमण करता है। रोग के लक्षण की शुरूआत पुरानी पत्तियों पर सफेद चकते के रूप में दिखाई देते है। ये चकते कुछ ही दिनो में ऊपर की और अन्य पत्तियों पर फैल जाते है। संक्रमित पौधों की पत्तियों पर सफेद पाऊडर जैसा रोगजनक देखा जा सकता है जो पत्तियों के दानो तरफ तथा पौधे के सभी भाग पर (जड़ के अतिरिक्त) पर देखा जा सकता है बाद में पौधे का ऊपरी भाग पीला पड़कर सूखने लगता है। पौधे...

Yellow stripe Rust disease of Wheat and its treatment मुख्यतः पीला रतुआ रोग पहाड़ों के  तराई क्षेत्रो में पाया जाता है  परन्तु पिछले कुछ वर्षों से उत्तर भारत के  मैदानी क्षेत्रो में इस रोग का प्रकोप पाया गया है | मैदानी क्षेत्रो में  सामान्यतः गेहूं की अगेती एवं पछेती किस्मों में यह रोग छोटे छोटे खंडो में क्षेत्रीय केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र ,लखनऊ द्वारा रिपोर्ट किया गया है | जनवरी और फरवरी में गेहूं की फसल में लगने वाले पीला रतुआ (यैलोरस्ट) रोग आने की संभावना रहती है। निम्न तापमान  एवं उच्च आर्दता येलो रस्ट के स्पोर अंकुरण के लिए अनुकूल होता है एवं  गेहूं को पीला रतुआ रोग लग जाता...

Mango Malformation disease and its treatment आम का गुच्‍छाा या गुम्‍मा , आम के वृक्षों पर होने वाला एक रोग है | प्रायः इस रोग के कारकों में फुजेरियम सबग्लुट्टीनेन्स नामक फफूंद का उल्लेख होता है | किन्तु अनेक विशेषज्ञों का मत है कि इस रोग का कारण पौधे में होने वाले हार्मोनों का असंतुलन हैं | एक अन्य मतानुसार इस रोग का कारण कुछ पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है | गुम्मा रोग से ग्रसित आम के पेड़ में पत्तियों एवं फूलों  में असामान्य वृद्धि एवं फल विकास अवरुद्ध हो जाता है | इस रोग के कारण आम के उत्‍पादन मे असाधारण कमी होती है।  ऐसा पाया गया है...