Crop disease

Problem of nematodes in vegetable crops and their preclusion सूत्रकृमि सूक्ष्म, कृमि के समान जीव है जो पतले धागे के समान होते है, जिन्हे सूक्ष्मदर्शी से आसानी से देखा जा सकता है। इनका शरीर लंबा, बेलनाकार व पूरा शरीर बिना खंडो का होता है। मादा सूत्रकृमि गोलाकार व नर सर्पिलाकार आकृति के होते है। इनका आकार 0.2 मिमी.-10 मिमी. तक हो सकता है। सूत्रकृमियों में प्रमुख रूप से फसल परजीवी सूत्रकृमि है जो कि मृदा में या पौधे की उत्तको में रहते है। इनमें मुख्य रूप से जड़ गांठ सूत्रकृमियों का विभिन्न फसलों पर प्रकोप ज्यादातर देखा गया है, जो पौधे के जड़ों पर आक्रमण करते है।   जिससे जड़ों की गांठे...

Mealybug - Fast growing problem of agriculture विगत कुछ वर्षो से हमारे देश मे मिली बग (mealy bug) के रूप मे एक नई चूषक कीट समस्या देखने को मिली है तथा आने वाले समय मे इस कीट की समस्या और बढ़ेगी। यह कीट गण हेमिप्टेरा के उपगण होमोप्टेरा के अंतर्गत सूडोकोक्सीडी कुल मे आता है।  यह छोटे-छोटे, अंडाकार, मुलायम शरीर वाले रस चूषक रूई के समान कीट है। व्यस्क मिलीबग पत्तियो, तनो एवं जड़ों को सफेद मोम पाउडर जैसे पदार्थ से ढंक लेता है जिससे इन्हे पौधो से नियंत्रण करने मे कठिनाई होती है।  यह अपने चूसने एवं चुभाने वाले मुखांगो की सहायता से पत्तियो व तनो से अधिक मात्रा मे रस चूसकर...

16 Major pests and diseases affecting Cole vegetables and their control सब्जियों में गोभीवर्गीय सब्जियों का बहुत महत्व है। यह क्रुसीफेरी कुल के अंर्तंगत आती है। गोभीवर्गीय फसल के अन्तर्गत फूलगोभी, पत्तागोभी, गांठ गोभी, मूली, सरसों आदि आते हैं। इन सब्जियों में कैलिशयम, मेग्नेशियम, फास्फोरस, विटामिन 'ए एवं 'सी इत्यादि भरपुर मात्रा में पाये जाते है। इसे कर्इ प्रकार के कीट व व्याधियां नुकसान पहुचाते है। एक अनुमान के अनुसार 25-30 प्रतिशत गोभी की फसल कीडों और व्याधियों के प्रकोप से नष्ट हो जाती है। देश के कुल खेती योग्य क्षेत्रफल से सबिजयों का क्षेत्रफल लगभग 3 प्रतिशत है। जबकि कुल नाशीजीव रसायनो का 15 प्रतिशत प्रयोग सबिजयों पर ही हो रहा है। अत: कीट...

आम की फसल में आम पीप या सैप से नुकसान और उनका प्रबंधन Sap-injury in Mango (Mangifera indica L.) Sap-injury is an important post-harvest problem in mango . The mango fruit has a network of branching fruit ducts, which are present in both fruit and stalk and penetrate the transition zone between the fruit and its stalk. Several large fruit ducts continue into the stalk but end a short distance beneath the abscission zone. These fruit ducts contain a viscous, caustic liquid referred to as mango sap. Flow of sap between fruit and stalk is a part of the growth process. The amount of sap exuded varies with cultivar, maturity and production area. As the fruit...

5 Major pests of mustard crop and their control तिलहन की फसलों में सरसों (तोरिया, राया और सरसों) का भारत वर्ष में विशेष स्थान है तथा यह हरियाणा प्रदेश में रबी की मुख्य फसल है। सरसों में अनेक प्रकार के कीट समय-समय पर आक्रमण करते हैं लेकिन 4-5 कीट ही आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसलिए यह अति आवश्यक है कि इन कीटों की सही पहचान कर उचित रोकथाम की जाएं । इस लेख में सरसों के कीटों के लक्षण व उनकी रोकथाम के उपाय दियें गए है  1. सरसों में बालों वाली सुण्डी (कातरा) इस कीट की तितली भूरे रंग की होती है, जो पत्तियों की निचली सतह पर समूह में हल्के...

अरहर के मुख्‍य रोगों तथा कीटों का एकीकृत प्रबंधन Pigeonpea (Cajanus cajan (L.) Millsp.) is one of the most important legume crops of India. It is known as red gram, arhar and tur in the country. It is an important source of proteins (22%) along with carbohydrates, fibre, certain minerals viz., iron, calcium, magnesium, zinc, iodine, potassium and Phosphorous and ‘B’ complex vitamins.  Pigeonpea stalks are also a major source of firewood and live stock feed. India is the world’s largest producer and consumer of pulses including pigeonpea. About 90% of the global pigeonpea area is in India contributing to 93% of the global production. It occupies 4.9 m ha area...

11 Major Diseases and their management in Kharif vegetables crops सब्जियां उनकें पोषक तत्वों जैसे विटामिन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, अमीनो अम्ल एवं खनिज पदार्थ आदि की धनी स्रोत होने के कारण मनुष्य के भोजन का आवश्यक अंग है। इंडियन कॉन्सिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, नई दिल्ली एवं राष्ट्रीय पोषण संस्थान, हैदराबाद के द्वारा संस्तुत भारत में सब्जी की प्रति व्यक्ति मांग 300 ग्राम के विपरीत केवल 130 ग्राम प्रति व्यक्ति उपलब्‍ध है। हमारे देश में वैश्विक सब्जी उत्पादन का नेतृत्व करने की पर्याप्त क्षमता है किन्तु सब्जी अनेक रोग व्याधियों के प्रति संवेदनशील होने के कारण हमारा सब्जी उत्पादन एवं उत्पादकता कम हो जाता है। भारत के उत्तरी पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों जैसे दिल्ली, हरियाणा,...

7 Major diseases of eggplant crop and their prevention बैंगन की फसल कई प्रकार के हानिकारक रोगों द्वारा प्रभावित होतीहै। अगर इसका समय रहते नियंत्रण ना किया गया तो बाजार मूल्य में गिरावट एवं अत्यधिक हानि का सामना करना पड़ सकता हैं। बैंगन के प्रमुख रोगआर्द गलन, फोमोप्सिस झुलसा ,पत्ती धब्बा रोग, स्कलेरोटीनिया अगंमारी, उक्टा या म्लानी, एवं छोटी पत्ती रोग इत्यादि हैं। अत: बैगन के प्रमुख रोगो की पहचान कर उनका समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक है। बैंगन भारत का देशज है। प्राचीन काल से भारत से इसकी खेती होती आ रही है। ऊँचे भागों को छोड़कर समस्त भारत में यह उगाया जाता है। बैंगन वर्तमान मे आलू के बाद दूसरी सबसे अधिक खपत...