Crop disease

भिंडी का नया उभरता हुआ वायरल रोग ओकरा एनेशन लीफ कर्ल वायरस (OELCuV) और उसका प्रबंधन Okra or lady’s finger (Abelmoschus esculentus L. Moench) is an important vegetable grown throughout the world. In India, okra is exported to foreign countries as a fresh vegetable, constitute 70% of the total fresh vegetable earning (APEDA 2000). Okra has adequate nutritional value, it is a good source of carbohydrates, protein, dietary fibres, vitamin C, vitamin K and unsaturated fatty acids. It can improve the nutritional status of malnourished people, (Gemede, et al 2015). It is considered as a protective supplementary food, due to its vigorous nature, dietary fibre and distinct seed protein balance of lysine...

Papaya cultivation Review and Diseases Management पपीता एक उष्णकटिबंधीय फल है। इसका वैज्ञानिक नाम कैरिका पपाया है। इसकी उत्पत्ति का स्थान कोस्टा रिका और दक्षिण मैक्सिको माना जाता है। यह एक सदाबहार फलदार वृक्ष है। पपीता बहुत ही पौष्टिक व स्वादिष्ट होने के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है। यह विटामिन सी का अच्छा स्त्रोत है। इसके लाभदायक गुणों को देखते हुए ये हमारे दैनिक आहार का हिस्सा बन गया है। पपीता की खेती भारत के अलावा ब्राजील, अमेरिका, मैक्सिको, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, चीन, इथोपिया और थाईलैंड में भी बड़े पैमाने पर की जाती है। भारतीय परिदृश्य पुर्तगालियों द्वारा यह फल वृक्ष 1611 में भारत में लाया गया । भारत में पपीता...

Karnal bunt disease of wheat: condition and direction करनाल बंट टिलेशिया इंडिका नामक कवक से उत्पन्न होने वाला गेहूँ की फसल का एक मुख्य रोग है। यह रोग विशेष रूप से भारत के उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलता है। यद्यपि आज तक भारत के उत्तर पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में करनाल बंट की कोई महामारी दर्ज नहीं की गयी है किन्तु अति संवेदनशील गेहूँ की प्रजातियों में पुष्पावथा के समय (फरवरी-मार्च) में जब उच्च आर्द्रता होती है, तब 30-40 प्रतिशत तक गेहूँ की फसल करनाल बंट से संक्रमित पायी गयी है अखिल भारतीय गेहूँ एवं जौ समन्वित अनुसन्धान परियोजना 2019 के तहत किये गये पोस्ट हार्वेस्ट सर्वे के दौरान कुल...

Major diseases of coarse grain, Millet and their prevention बाजरा पश्चिमी राजस्थान में बोई जाने वाली प्रमुख फसल है। बाजरा भारत की प्रमुख फसलाें में से एक है। जिसका उपयोग भारतीय लोग बहुत लम्बे समय से करते आ रहे है। इसकी खेती अफ्रीका और भारतीय महाद्वीप में बहुत समय पहले से की जा रही है। अधिक सूखा सहनशीलता उच्चे तापमान व अम्लीयता सहन के कारण बाजरा उन क्षेत्रों में भी आसानी से उगाया जा सकता है जहा मक्का या गेहूं नहीं उगाये जा सकते है। बाजरा बहुत रोगों से प्रभावित होता है जिसका समय पर उपचार कर फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है। बाजरे की बिमारियां निम्न प्रकार से है। 1. तुलासिता व हरित...

Five Major Diseases of Podded Vegetables and their Integrated Disease Management मानव आहार में सब्जियों का विशेष महत्व है। सब्जियों में विटामिन, कार्बोहाड्रेट, प्रोटीन तथा खनिज प्रदार्थ पर्याप्त मात्रा में पाये जाते है जो शरीर को स्वस्थ्य बनाने एवं रोगों से लड़ने में काफी सहायता करती है। फलीदार सब्जियां जैसे सेम, लोबिया इत्यादि, आयरन का एक बड़ा स्रोत है और इसमें कई खनिज तत्व काफी मात्रा में पाए जाते है । यह मांस, पनीर तथा अन्य वसीय खाद्यों के पाचन के दौरान बने अम्लो के निस्प्रभावित करने में सहायक है । इसमें घुलनशील फाइबर कोरोनरी हार्ट रोग को कम करती है एवं फलीदार सब्जियों में कैलोरी कम होने के कारण मोटापा भी कम करने...

पपीते के चार प्रमुख रोग और उनका प्रबंधन 1. Foot Rot of papaya  (Pythium aphanidermatum) Foot rot is also known as collars rot or stem rot or root rot and damping off ; is the most serious disease of papaya. In India, the disease appears during the rainy season. It is more common in trees of age 2-3 years. Symptoms In case of nursery plants, damping off symptoms are produced, whereas in adult plants foot rot, collar rot symptoms are produced. Foot rot is characterized by the appearance of water soaked patches on the stem near ground level. These patches enlarge rapidly and girdle the stem, causing rotting of the tissues, which then turn dark brown or...

मूंगफली के दो प्रमुख रोग और उसका प्रबंधन 1. Tikka disease of Groundnut It is also called leaf spot disease of groundnut. It caused losses 20 to 50%. Symptoms: Based on the relative time of spot appearance, disease is categorized as (i) early leaf spot and (ii) late leaf spot and their comparative symptoms are as follows: Characters Early leaf spot (ELS) Late leaf spot (LLS) Caused by fungus Cercaspora arachidicola Cercosporidium personatum Perfect stage of pathogen Mycosphaerella arachidicola Mycosphaerella berkeleyli. Time of spot appearance After 3-4 weeks of sowing (on about one month old plants) After 6-8 weeks of sowing (on about two month old plants) Spot shape Irregular or circular Almost circular Spot colour Reddish brown to black on upper surface & light brown on lower surface. Dark brown...

आम के शारीरिक विकार: कारण और उसका प्रबंधन Many physiological disorders in fruit affect both quality and storage life of mango in all growing regions. In mango a number of factors are responsible for mango yield decline, yet physiological disorders play more devastating and vital role. As a result, mango growers are losing their faith and interest in mango orchards and trying to shift their cultivation practices from mango to other crops. In this article we discussed the important physiological disorders along with their possible management strategies which will certainly help the farmers in timely overcoming this malady for getting satisfactory remunerative prices from mango cultivation. Physiological disorder any kind of abnormality in economically...