Crop disease

Agricultural workers who are exposed to pesticides in the fields can experience serious health effects from these chemicals. Many types of pesticides can be harmful to human health, and long-term exposure can cause health problems. Skin irritation, respiratory problems, and long-term illnesses such as cancer and neurological disorders can result from pesticide exposure....

Fusarium basal rot Disease occurs in patches; leaves turn yellow and then dry up slowly. As infections progress, wilting and rapid die-back of leaves from the tips occurs. Affected roots are dark brown to dark pink. Whitish mould growth appears on the scale. The bulbs become soft and when cut a watering decay is noticed, ...

Four major diseases of Millet, their symptoms, prevention and control बाजरा की खेती भारत में अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में खासतौर पर की जाती है। बाजरा की फसलें विभिन्न बीमारियों के लिए भी अतिसंवेदनशील होती हैं जिसके कारण बाजरे के पैदावार और गुणवत्ता में काफी कमी हो सकती हैं। बाजरा की फसल को प्रभावित करने वाले आम रोगों में ब्लास्ट रोग, स्मट रोग और इसके अलावा अन्य रोग जैसे- जंग, पत्ती की रोशनी और डाउनी फफूंदी से भी प्रभावित हो सकती हैं। अरगट रोग:  यह बाजरे में होने वाले प्रमुख रोगों में से एक है, जो फसल की पैदावार में भारी कमी ला सकता है। इस रोग के जीवाणु मिट्टी में लंबे समय तक जीवित...

Management of major post-harvest fungal diseases of mango fruits and plants आम (मैंगीफेरा इंडिका एल.) भारत में सबसे लोकप्रिय व्यावसायिक फल फसलों में से एक है। दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में हजारों सालों से मैंगिफेरा इंडिका एल की खेती की जाती रही है और आम दुनिया भर में आठवां सबसे अधिक उत्पादित फल है, जिसका उत्पादन बांग्लादेश, भारत, नेपाल और अन्य उष्णकटिबंधीय देशों में 43 मिलियन टन होता है भारत ने 2016-17 के दौरान 22.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र से 19.69 मिलियन टन आम का उत्पादन किया, जिसकी औसत उत्पादकता 8.7 टन प्रति हेक्टेयर रही। भारत ने 2016-17 के दौरान 53.18 हजार टन ताजे आम का निर्यात किया और 445.55 करोड़ रुपये...

Bakanae disease of rice: Symptoms and Management धान भारत की सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसलों में से एक है। भारत विश्व में बासमती चावल का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक देश है। विश्व में उत्पादित कुल बासमती धान का लगभग 70% भारत में उत्पादन होता है। वित्त वर्ष 2024 में बासमती चावल ने निर्यात आय में 5073.18 करोड़ रुपये का योगदान दिया। हाल के वर्षों में बकाने रोग धान किसानों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। यह रोग, धान की पैदावार को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचा सकता है। यह रोग सभी बासमती किस्मों जैसे कि पूसा बासमती-1121, पूसा बासमती-1509, पूसा बासमती-1718, पूसा बासमती-1728, पूसा बासमती-1692, पूसा बासमती-1847, पूसा-2511,...

Nematode and fungal interactions in cotton, their symptoms, management and their status in Haryana कपास भारत की एक प्रमुख नकदी फसल है, जिसे कई जैविक कारकों से नुकसान होता है। सूत्रकृमि और मृदाजनित फफूंद के सहजीवी प्रभाव से पौधों को गंभीर क्षति होती है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट आती है। इनमें मुख्य रूप से जड़-गांठ सूत्रकृमियों का प्रकोप ज्यादातर देखा गया है, जो पौधे की जड़ों पर आक्रमण करते है। सूत्रकृमि ग्रसित पौधों के लक्षण, सूत्रकृमियों की प्रजातियों के आधार पर भिन्न होते हैं। अतः इन सूत्रकृमि की पहचान करना जरूरी है एवं इनसे होने वाले रोगों की पहचान कर इन्हे विभिन्न विधियों द्वारा नियंत्रण किया जा सके। खेतो में सूत्रकृमि...