Crop disease

Thrips and their integrated pest management थ्रिप्स सूक्ष्म, पतले और मुलायम शरीर वाले कीड़े होते हैं, जो विभिन्न प्रकार के पौधों और जानवरों की कोशिकाओं को बेध कर रस को अंतर्ग्रहण करते हैं । कुछ थ्रिप्स प्रजातियां ऐसी होती हैं जो अन्य दूसरी थ्रिप्स प्रजातियों, घुन (माइट), मांहू (अफिड्स) जैसे कीड़ों पर अपना भोजन करती हैं । थ्रिप्स का लाभकारी पहलु यह है कि वे फूलों के परागण में सहायता करते हैं । अधिकतर, थ्रिप्स प्रजातियां कृषि कीट के रूप में पहचानी जा चुकी हैं, जो की कई महत्वपूर्ण फसलों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाती हैं। अब तक थ्रिप्स की लगभग 7,700 प्रजातियां दर्ज की गई हैं, जिसमें 1 प्रतिशत से...

PPR Disease in Sheep and Goats  भेड़ व बकरियां ज्यादातर समाज के कमजोर एवं गरीब वर्ग द्वारा पाली जाती है इसलिए पी.पी.आर. रोग बीमारी मुख्यतः छोटे व मध्यम वर्गीय पशुपालकों को ज्यादा प्रभावित करती है, जिसका आजीविका का मुख्य स्रोत भेड़ व बकरी पालन है। यह रोग एक विषाणु (मोरबिलि विषाणु ) जनित रोग है। इस रोग में मृत्युदर बहुत अधिक होती है। यह रोग भेड़ व बकरियों में फैलता है। भेड़ की तुलना में बकरी में पी.पी.आर. रोग अधिक होता है। यह रोग सभी उम्र व लिंग की भेड़ बकरियों को प्रभावित करता है लेकिन मेमनों में मृत्युदर बहुत अधिक होती है। यह रोग पशुओं में बहुत तेजी से फैलता है...

Major seed borne diseases of cereal crops and their prevention बीज-जनित रोगजनक खेत में फसल अंकुर स्थापना के लिए एक गंभीर खतरा है।इसलिए फसल की विफलता में संभावित कारक के रूप में योगदान कर सकते हैं।बीज न केवल इन रोगजनकों के दीर्घकालिक अस्तित्व को सुरक्षित बनाते हैं, बल्कि नए क्षेत्रों में उनके आगमन और उनके व्यापक प्रसार के लिए वाहन के रूप में भी कार्य कर सकते हैं। बीज-जनित, फफूंद, जीवाणु, विषाणु, सूत्रकृमि आदि रोगजनक अनाज वाली फसलों में विनाशकारी नुकसान का कारण बन सकते हैं और इसलिए सीधे खाद्य सुरक्षा को प्रभावितकरते हैं। पौधों के संक्रमित वायवीय भागों के विपरीत, संक्रमित बीज लक्षण-रहित हो सकते हैं, जिससे उनकी पहचान असंभव हो...

12 Major diseases of Chickpea & their Management चने की फसल को नुकसान पहुँचाने वाले प्रमुख रोग उखेड़ा, रतुआ, एस्कोकाइटा ब्लाईट, तना गलन, सूखा जड़ गलन, आद्र जड़ गलन, ग्रे मोल्ड, अल्टरनेरिया ब्लाईट, एन्थ्रेक्नोज, स्टेमफाइलियम पत्ता धब्बा रोग, फोमा पत्ता ब्लाईट व स्टंट रोग हैं। इस लेख में इन सभी रोगों के नैदानिक लक्षण व नियंत्रण का वर्णन किया गया है। चना सबसे अधिक खेती की जाने वाली दाल की फसलों में तीसरे स्थान पर है। यह एक वार्षिक फसल है और प्रोटीन का समृद्ध स्त्रोत है। इसका वैज्ञानिक नाम सिसर एरीटिनम है। भारत चने के उत्पादन में प्रथम स्थान पर है तथा कुल उत्पादन का 65 प्रतिशत (9 मिलियन टन) भारत...

Carnation - Introduction, Significance, Diseases & their Management कारनेशन की खेती के दौरान नुकसान पहुँचाने वाले प्रमुख रोग उखेड़ा (फ्यूजेरियम आक्सीस्पोरम ), काला धब्बा रोग/ शाखा गलन (अल्टरनेरिया डायनथी ), तना गलन (राइजोक्टोनिया सोलानी ), रतुआ रोग (यूरोमाइसेस डायनथी ), जड़ गलन/ साउदर्न ब्लाईट (स्क्लेरोटियम रोल्फसई ), ग्रे मोल्ड (बोट्रीटिस सिनेरिया ), फेयरी रिंग स्पाॅट (माइकोस्फेरेला डायनथी ), और कारनेशन मोटल विषाणु हैं। इस लेख में कारनेशन के रोगों के लक्षण व प्रबधंन का वर्णन किया गया है। कारनेशन एक महत्वपूर्ण बारहमासी फूल है। यह आमतौर पर इसके वैज्ञानिक नाम से भी जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम डायनथस कैरीयोफिलस है। इसका यह नाम यूनानी वनस्पति शास्त्री थियोफैरास्टस ने दिया था। डायनथस शब्द दो यूनानी शब्दों से मिलकर बना...

12 Major pests and diseases of soybean and their management सोयाबीन विश्व की एक प्रमुख फसल है, यह लगभग विश्व की 25 वानस्पतिक तेल की मांग को पूरा करता है, सोयाबीन अपने उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन (38.45) और वानस्पतिक तेल के लिए जाना जाता है। भारत में भी इसका उपयोग अधिकांशतः वानस्पतिक तेल के लिए ही होता है, मध्यप्रदेश में सोयाबीन खरीफ की एक प्रमुख फसल है। देश में सोयाबीन उत्पादन में मध्यप्रदेश अग्रणी है, परंतु हाल ही के कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश में सोयाबीन उत्पादन में मध्यप्रदेश में भारी गिरावट आयी है, जिसके प्रमुख कारणो मे मौसम की विपरीत परिस्थितियां है, जैसे फसल अवधि में अधिक वर्षा होना या बहुत कम...

भिंडी का नया उभरता हुआ वायरल रोग ओकरा एनेशन लीफ कर्ल वायरस (OELCuV) और उसका प्रबंधन Okra or lady’s finger (Abelmoschus esculentus L. Moench) is an important vegetable grown throughout the world. In India, okra is exported to foreign countries as a fresh vegetable, constitute 70% of the total fresh vegetable earning (APEDA 2000). Okra has adequate nutritional value, it is a good source of carbohydrates, protein, dietary fibres, vitamin C, vitamin K and unsaturated fatty acids. It can improve the nutritional status of malnourished people, (Gemede, et al 2015). It is considered as a protective supplementary food, due to its vigorous nature, dietary fibre and distinct seed protein balance of lysine...

Papaya cultivation Review and Diseases Management पपीता एक उष्णकटिबंधीय फल है। इसका वैज्ञानिक नाम कैरिका पपाया है। इसकी उत्पत्ति का स्थान कोस्टा रिका और दक्षिण मैक्सिको माना जाता है। यह एक सदाबहार फलदार वृक्ष है। पपीता बहुत ही पौष्टिक व स्वादिष्ट होने के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है। यह विटामिन सी का अच्छा स्त्रोत है। इसके लाभदायक गुणों को देखते हुए ये हमारे दैनिक आहार का हिस्सा बन गया है। पपीता की खेती भारत के अलावा ब्राजील, अमेरिका, मैक्सिको, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, चीन, इथोपिया और थाईलैंड में भी बड़े पैमाने पर की जाती है। भारतीय परिदृश्य पुर्तगालियों द्वारा यह फल वृक्ष 1611 में भारत में लाया गया । भारत में पपीता...