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Soil & Fertilizers
छत्रपाल सिंह
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Importance of biochar in agricultural production
बायोचार उच्च कार्बन उक्त ठोस पदार्थ हैं। वह उच्च तापमान पर तैयार किया जाता है, जिसमे ऑक्सीजन अनुपस्थित रहती या कम मात्रा में होती है। यह कहा जा सकता हैं कि यह एक आंशिक अवायवीय प्रकिया है। जिसमे किसी भी कार्बनिक ठोस पदार्थ को भिन्न भिन्न तापमान पर रख कर बायोचार को तैयार किया जाता है। बायोचार एक बहुत ही प्रभावशाली उर्वरक है जो कि अवशिषट कार्बनिक पदार्थो कि पायरोलिसिस की प्रकिया द्वारा तैयार जाता है।
यह एक उभरती हुई तकनीक है।, जो कि आधुनिक कृषि उत्पादन के लिए अतिआवश्यक है। बायोचार मृदा उर्वरक शक्ति बढाने के साथ साथ फसल कि उत्पादकता को भी बढाता है। यह किसानों के लिए एक बहुत ही किफायती और बहुपयोगी तकनीक साबित हो चुकी है। बायोचार कृषि के साथ-साथ पर्यावरणीय दृष्टि से भी उपयोगी साबित हुआ है। क्योंकि इसके अनेक पर्यावरणीय महत्व हैं।
चित्र- अ एवं ब में २० किलोग्राम क्षमता के ड्रम में बायोचार उत्पादन को दर्शाया गया है। जिसमे कृषि अवशिष्ट के रूप में धान की भूसी को लिया गया है।
बायोचार की कृषि के क्षेत्र में उपयोगिता
(१) मृदा उर्वरता बढ़ाने में
मृदा की उर्वरा शक्ति बायोचार के द्वारा अलग अलग प्रकार से बढती है। जैसे कि मृदा की नमी को रोकने की क्षमता बढ़ना, मृदा घनत्व कम हो...