ऊँटनी की देखभाल Tag

ऊँट को भले ही “रेगिस्तान का जहाज” कहा जाता है, क्योंकि वह अत्यधिक गर्मी, सूखे वातावरण और पानी की कमी जैसी कठिन परिस्थितियों में भी लंबे समय तक जीवित रहने की अद्भुत क्षमता रखता है। राजस्थान जैसे शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में ऊँट ग्रामीण परिवारों के लिए परिवहन, कृषि कार्य और आजीविका का महत्वपूर्ण साधन रहा है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि ऊँट गर्मी से पूरी तरह अप्रभावित रहता है। ग्रीष्म ऋतु में लगातार खेतों में जुताई, गाड़ी या छकड़ा खींचने तथा बोझा ढोने जैसे भारी कार्य लेने से ऊँट में निर्जलीकरण, थकावट, शरीर का तापमान बढ़ना, भूख में कमी और कार्यक्षमता में गिरावट हो सकती है। इसलिए...