23 Jul कम्पोस्ट खाद एवंं उससे खेती को लाभ
Organic manure and its benefits to agriculture जैविक खाद का अभिप्राय उन सभी कार्बनिक पदार्थों से है जो कि सड़ने या गलने पर जीवांश पदार्थ या कार्बनिक पदार्थ पैदा करती है। इसे हम कम्पोस्ट खाद भी कहते हैं। इनमें मुख्यतः वनस्पति सामग्री और पशुओं का विछावन, गोबर एवं मल मूत्र होता है। इसलिए इनमें वे सभी पोषक तत्व उपस्थित रहते हैं जो की पौधों के वृद्धि के लिए आवश्यक होते हैं। जैविक खाद फसल के लिए बहुत ही उत्तम खाद मानी जाती है। जैविक खाद या कम्पोस्ट खाद को मुखयतः तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है : फास्को कम्पोस्ट इनरिच्ड कम्पोस्ट एवं वर्मी कम्पोस्ट फास्को कम्पोस्ट इस खाद में फास्फोरस (स्फुर) की मात्रा अन्य कम्पोस्ट खादों की अपेक्षा ज्यादा होता है। फास्को कम्पोस्ट में 3-7% फास्फोरस (स्फुर) होता है जबकि साध कम्पोस्ट में यह अधिकतम 1.0% तक पाया जाता है। फास्को कम्पोस्ट बनाने की विधि यह विधि बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विज्ञानं एवं कृषि रसायन द्वारा विकसित एवं आनुशंसित है। इस विधि द्वारा फास्को कम्पोस्ट बनाने का तरीका बहुत ही आसान एवं सरल है। सबसे पहले २ मीटर लम्बा, 1 मीटर चौड़ा, 1 मीटर गहरा गड्ढा बनाएं। आवश्यकतानुसार एक या एक से अधिक गड्ढे बना सकते हैं। यह गड्ढा कच्चा या पक्का किसी भी तरह का हो सकता है। सामग्री: खरपतवार, कूड़ा-कच्चा, फसलों के अवशेष, जलकुम्भी, थेथर, पुटूस, करंज...