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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)  की समीक्षा Farmers' produce is insured by the Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY). PMFBY is being restructured through several initiatives such as introduction of competitive bidding for premium quotes from insurers and use of artificial intelligence (AI) based technologies for timely assessment of crop , yield data for quick claim settlement. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)  की समीक्षा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) द्वारा किसानों की उपज का बीमा किया जाता है।  Pradhanmantri Fasal Bima Yojana को 18 फरवरी, 2016 को पेश किया गया था। इसका उद्देश्य किसानों पर प्रीमियम के वित्तीय बोझ को कम करना और पूरी बीमा राशि के लिए फसल बीमा दावों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करना है। किसानों की आय को स्थिर करने के लिए, PMFBY का इरादा फसल की विफलता के खिलाफ एक व्यापक बीमा कवर की पेशकश करना है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का उद्देश्य पिछले दो कार्यक्रमों ,राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (NAIS) और संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (MNAIS), को बदलना और उनके बेहतरीन तत्वों को जोड़कर और उनकी खामियों को दूर करना था।  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) ने जमा किए गए किसान आवेदनों के मामले में दुनिया की अन्य सभी फसल बीमा योजनाओं को पीछे छोड़ दिया है। यह योजना अपनी पूर्ववर्ति कृषि बीमा योजनाओ की तुलना...

Application of Statistics in Agriculture भारत जैसे कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था वाले देश में, कृषि जनसंख्या के बहुसंख्यक वर्ग की दैनिक आजीविका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह अनुमान है कि भारत की 58 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण आबादी अपनी आजीविका कमाने के लिए सीधे कृषि में नियुक्त है। कृषि, मत्स्य पालन एवं वानिकी के साथ, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है । इस प्रकार भारत जैसे देश में कृषि के विकास की बहुत बड़ी आवश्यकता है।  समय बदल रहा है खेती के तहत भूमि कम हो रही है और साथ ही साथ जनसंख्या काफी बढ़ रही है जिसका अर्थ है कि आने वाले वर्षों में हमारे पास खिलाने के लिए और अधिक भूखे मुंह होंगे, इसलिए कृषि में विकास समय की मांग है। सांख्यिकी को गणित की उस शाखा के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो संख्यात्मक डेटा के संग्रह, विश्लेषण, व्याख्या एवं प्रस्तुति से संबंधित है। हालांकि, वास्तविक जीवन में सांख्यिकी में परिभाषा की तुलना में योगदान करने के लिए बहुत कुछ है। कृषि में सांख्यिकी: विशेष रूप से विकसित देशों में कृषि के विकास और विकास में डेटा और संख्यात्मक जानकारी का हमेशा बहुत महत्व रहा है। भारत जैसे विकासशील देशों में, मात्रात्मक कृषि पुन: खोज, वास्तव में, सांख्यिकीय आंकड़ों पर आधारित है। सांख्यिकी सामाजिक-आर्थिक नीतियों की...

Goat farming a profitable business भारत में बकरी पालन छोटे किसानों द्वारा लोकप्रियता के साथ अपनाया जा रहा है। अन्य पशुओं की अपेक्षा यह अधिक लाभदायक है क्योंकि इसमें कम लागत, सामान्य आवास तथा कम संसाधन की आवश्यकता होती है। ग्रामीण व भूमिहीन किसानों के लिए बकरी पालन आजीविका का एक अच्छा  साधन है। बकरी पालन से परिवार की रोजी रोटी आसानी से चल सकती है। देश में बकरी पालन मुख्य रूप से दूध, मांस व रेशों के उत्पादन के लिए किया जाता है। बकरियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है तथा उच्च तथा निम्न तापक्रम को सहने की भी अच्छी क्षमता होती है। बकरी को गरीब की गाय के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि बकरी पालन में आवास, आहार और प्रबधंन पर कम खर्च करना पड़ता है एवं कम खर्च में अधिक मुनाफा लिया जा सकता है। बकरियां 10 से 12 माह पर गर्भधारण करने वाली हो जाती है और 16 से 18 महीने की आयु में पहला बच्चा दे देती है। इस प्रकार कम समय में ही झुण्ड का आकर बढ़ने लगता है। 1. बकरी का दूध :- दूध एक सम्पूर्ण आहार है एवं मानव शरीर के पोषण के लिए दूध का योगदान बहुत अधिक है। बकरी का दूध केल्शियम, प्रोटीन और विटामिन-डी का अच्छा व सस्ता स्त्रोत है। कुछ ऐसे...

Prime Minister Crop Insurance Scheme - Brief Description प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भारत सरकार ने किसानों की हो रही फसल की बर्बादी की पूर्ति के लिए और फसल बर्बादी की वजह से किसानों के द्वारा हो रही आत्महत्या को रोकने के लिए लागू किया गया। सन 1965 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने देश को ‘‘जय जवान जय किसान‘‘ नारा दिया था  परन्‍तू इतना समय बीत जाने के बावजूद आज भी कि‍सानो की हालत बहुत अच्‍छी नही है। इसका एक प्रमुख कारण खेती मे मौसम संबधि‍त जोखि‍म तथा खेती का अनिश्चितताओं से भरा होना है। कभी सूखा , कभी बाढ तो कभी बीमारी या टि‍ड्डी प्रकोप जैसी अनेक अनिश्चितताऐ कि‍सान की आय को लगातार प्रभावि‍त करती है ।  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है ? प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भारत सरकार द्वारा किसानों के फसलों की रक्षा के लिए चलाई जा रही है इस योजना के अंतर्गत कृषक समाज के लोग अपनी फसल का बीमा सस्ते दरों में करा सकते हैं। इस योजना को सफल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों अपना योगदान देती है।अर्थात बजट का हिस्सा भारत सरकार और राज्य सरकार दोनों वहन करती है। किसानों द्वारा इस योजना के अंतर्गत फसल का बीमा कराने पर बीमा की भुगतान की जिम्मेदारी कृषि बीमा कंपनी के कंधों पर...

Digital technology is the best platform to double farmers' income डिजिटल एग्रीकल्चर यानि फसलों की पैदावार बढ़ाने और खेती को सक्षम व लाभदायक बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों और सेवाओं का इस्तेमाल करना। किसान अब खेती से जुड़ी अपनी समस्याओं से निपटने, नई कृषि विधियां सीखने और दुनिया भर में हो रहे कृषि प्रयोगों के बारे में जानने के लिए फेसबुक, व्हॉट्सऐप, यूट्यूब, सीडी जैसे साधनों से जुड़ रहे हैं। खेती को बेहतर बनाने में सूचना प्रोद्योगिकी से जुड़े ये प्लेटफॉर्म काफी काम आ रहे हैं। कृषि संबंधी पोर्टल या वेबसाइट, स्मार्टफोन एप्लिकेशन, डिजिटल उपकरण, टेलीविज़न आदि सभी डिजिटल प्रौद्योगिकी का कृषि में अनुप्रयोग बढ़ता जा रहा है। विभिन्न सूचना प्रणाालियों का डिजाइन तैयार करने, उन्हे विकसित करने तथा उनके संचालन या प्रबंध का काम डिजिटल प्रौद्योगिकी के सहयोग से सम्पन्न किया जाता है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में कृषि में अनुप्रयोगों की नई संभावना,ं डिजिटल प्रौद्योगिकी द्वारा तलाश की जा रही है। कृषि प्रसार, मत्स्य पालन, बागवानी, पशु पालन, भूमि रिकाॅर्ड आदि प्रमुख क्षेत्र में डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग करके कृषि विकास को नवीन आयाम दिया है। भूमि से संबन्धित अभिलेखों का कंप्यूटरीकरण् करना डिजिटल प्रौद्योगिकी का सर्वाधिक महत्वपूर्ण अनुप्रयोग है। खेती में डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्या हैं फायदे फसलों को रोपने और बीजाई करने के बारे में नयी तकनीकों के बारे में जानकारी...