06 May टिकाऊ खेती के लिए कृषि रसायनों का विवेकपूर्ण अनुप्रयोग
Judicious Application of Agricultural Chemicals for Sustainable Agriculture फसलों व सब्जियों की कीटों, बिमारियों एवं खरपतवारों से सुरक्षा हेतु विभिन्न उपाय किये जाते है, जिसमें कृषि रसायनों का प्रयोग जैंसे – कीटनाशी, जीवाणुनाशी, फफूँदनाशी एवं खरपतवारनाशी इत्यादि का प्रयोग किया जाता है। ये कृषि रसायन प्रभावी एवं जहरीले होते है, जिसकी वजह से इनके प्रयोग में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है। किसान को इन कृषि रसायनो के प्रयोग सम्बन्धी उचित जानकारी न होने के कारण फायदा होने की जगह नुकसान होने की प्रबल सम्भावना रहती है। कई बार किसान स्वयं इनके प्रभाव में आ जाते है, जिससे उनकी हालत बिगड जाती है तथा समय पर उपचार के अभाव में मृत्यु तक हो जाती है। कृषि रसायन केवल मनुष्यों के लिये ही नहीं अपितु सभी जीव-जन्तुओं, पेंड-पौंधो के लिये भी उतनें ही घातक है। अतः इनके प्रयोग से किसी भी प्रकार की हानि से बचने के लिए तथा पर्यावरण को बिना क्षति पहुचाएँ, यह आवश्यक हो गया है कि इन कृषि रसायनों को खरीदते समय, घोल बनाते समय, छिड़काव के समय, छिड़काव के बाद तथा भण्डारण के समय उचित सावधानी बरतनी चाहिए। कृषि रसायनों को खरीदते समय आवश्यक सावधानियां :- कीट, रोग एवं खरपतवारों की पहचान व गम्भीरता के आधार पर सिफारिश किये गये कृषि रसायन ही खरीदें। इन रसायनों को सदैव पंजीकृत डीलर के यहॉ...