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Organic farming
निर्मोध प्रभा, ओ.एन.वर्मा एवं वी.के.सोनी
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Earthworm manure, basis of organic farming.
आज की सघन खेती के युग में भूमि की उर्वष षक्ति बनाये रखने के लिये प्राकृतिक खादों का प्रयोग बढ़ रहा है। इन प्राकृतिक खादों में गोबर की खाद, कम्पोस्ट, हरी खाद मुख्य हैं।
पिछले कुछ सालों से कम्पोस्ट बनाने की एक नई विधि विकसित की गई है जिसमें केंचुआ का प्रयोग किया जाता है, जिसे वर्मी कम्पोस्ट करते हैं। वर्मी कम्पोस्ट, केंचुआ की मदद से निर्मित जैविक खाद है, जिसे किसान भाई स्वयं बना सकते हैं।
वर्मी कम्पोस्ट बनाने की विधि :-
सर्वप्रथम उपयुक्त स्थान जिसमें उपयुक्त नमी एवं तापमान निर्धारित किये जा सकें, का चयन कर इसके ऊपर एक छप्पर या अस्थाई शेड बनाया जाता है। शेड की लम्बाई चोड़ाई वर्मी टेंक की संख्या पर निर्भर करती है।
वर्मी टेंक की मानक साईज 1 मी0 चौड़ा, 0.5 मी0 गहरा तथा 10 मी0 लम्बा होता है। वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए सामग्री के रूप में वानस्पतिक कचरा जैसे कि कृषि अवषेश, जलकुभी, केले एवं बबूल की पत्तियां, अन्य हरी एवं सूखी पत्तियां, पेड़ों की हरी षाखायें, बिना फूली घास, सड़ी-गली सब्जियां एवं फल, घरेलू कचरा एवं पषुओं का गोबर आदि को उपयोग में लाया जाता है।
वर्मी टेंक में अधपके नमीयुक्त वानस्पतिक कचरे की 6 इंच की तह लगा देते हैं यदि कचरा अधपका नहीं हैं तो उसमें गोबर...