20 Feb खरगोश पालन के तरीके एवं फायदे
Rabbit farming methods and benefits खरगोश पालन में ग्रामीण गरीबों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार और कम लागत वाले पशु प्रोटीन के संदर्भ में खाद्य सुरक्षा प्रदान करने की व्यापक क्षमता है। देश की कुल खरगोश की आबादी लगभग 406000 है। 28 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में से 27 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में खरगोशों की आबादी है। खरगोश अत्यधिक विपुल है। एक मादा खरगोश, अपनी संतानों के माध्यम से प्रति वर्ष 80 किलोग्राम तक मांस का उत्पादन कर सकती है। भारत में मांस का उत्पादन 5000 और 19000 टन / वर्ष के बीच होने की सूचना है। अंगोरा ऊन उत्पादन प्रति वर्ष 25 से 30 टन है, जो अनुमानित वैश्विक उत्पादन का 1% है। खरगोश पालन का सामान्य प्रबंधन खरगोश पालन किसानों एवं बेरोजगार युवाओं के लिए एक कम लागत, कम समय में बड़े मुनाफे का धंधा है । इसमें पोल्ट्री व्यवसाय से काफी कम खर्च और जोखिम है। एक खरगोश दिनभर में लगभग एक मुट्ठी फीड, एक मुट्ठी चारा और दो-तीन कटोरी पानी पीता है। चार महीने में खरगोश का वजन दो किलो से भी ज्यादा हो जाता है और फिर साढ़े तीन सौ से पांच सौ रुपए तक में बिक जाता है। खरगोश पालन के लिए सरकार पचीस-तीस प्रतिशत सब्सिडी भी देती है। पशु पालन सम्बन्धी किसी भी व्यवसाय में...