23 Apr गेहूँ का दाना, सेहत का खजाना
Wheat grain, treasure for health विभिन्न प्रकार की जलवायु, मृदा एवं उत्पादन दशाओं में उगाई जाने वाली गेहूँ एक विश्वव्यापी महत्वपूर्ण फसल है। विश्वस्तर पर मनुष्यों के लिए पारम्परिक, प्राकृतिक, फाइबर से भरपूर एवं उर्जादायक भोजन की बढ़ती मांग की आपूर्ति के लिए गेहूँ को खाद्य पदार्थ के रुप में उपयोग किया जाता है। भारत में उत्पादित कुल खाद्यान्न में 36.7प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ खाद्य टोकरी की खपत में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा गेहूँ को बड़े पैमाने पर खरीदा जाता है, जिसे भारत की अधिकांश आबादी को खाने के लिए वितरित किया जाता है। अनाजों से मिलने वाली ऊर्जा में गेहूँ सबसे सस्ते स्रोतों में से एक है, इसकी खपत से प्रोटीन (20 प्रतिशत) और कैलोरी (19 प्रतिशत) उपयोग का एक बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है। वर्ष 2020-21के दौरान गेहूँ का उत्पादन लगभग 109.2 मिलियन टन होने का अनुमान है। चित्र: भारत में गेहूँ का उत्पादन विश्वस्तर पर उत्पादित और खपत किए जाने वाले अनाजों में गेहूँ एक प्रमुख अनाज है। यह किसी भी अन्य वाणिज्यिक फसल की तुलना में अधिक भूमि क्षेत्र पर उगाया जाता है, जिसे विश्व के 89 देशों के 2.5 बिलियन लोगों द्वारा खाने के उपयोग में लाया जाता है। यह मानव उपयोग के लिए कैलोरी के स्रोत के...