12 Sep Scientific Method of Producing Chappan Pumpkin in Polyhouse
पॉलीहाउस में चप्पन कद्दू उत्पादन की वैज्ञानिक विधि पर्वतीय क्षेत्रों की भोगोलिक परिस्थितियां और यहां का मौसम फसलोत्पादन का समय सीमित कर देता है, जिससे किसानों को कम आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। चप्पन कद्दू या समर स्क्वेश, कम गर्म तथा पाला रहित स्थान में षीघ्र उगने वाली एक व्यवसायिक फसल है। जिसकी खेती पॉलीहाउस तकनीकी से वर्ष भर या बेमौसम में की जा सकती है। साधारणतया यह फसल गर्मियों की है लेकिन इसकी मॉग बाजार में हमेशा होती रहती है। इसलिए यदि पाँलीहाउस में वैज्ञानिक विधि द्वारा इसे उगाया जाय तो वर्श भर फल प्राप्त होते रहेंगे। चप्पन कद्दू का छिलका अन्य कद्दू वर्गीय फसलों के विपरीत पकने पर कड़ा एवं गूदा खाने योग्य नही रह पाता है तथा इसके पौधे झाड़ीनुमा होते हैं। अत: इसको हरा ही तोड़ कर खाते हैं। इसमें विटामिन सी एवं खनिज पदार्थो की मात्रा प्रचुर होती है। इसकी फसल 50 दिनों में तैयार हो जाती है। पर्वतीय क्षेत्रों में खासकर उत्तर पर्वतीय हिमालय के किसानों के पास खेती योग्य भूमि बहुत कम होती है। साथ ही यहां की भौगोलिक परिस्थितियां जैसे उबड़-खाबड़ भूमि, सिंचाई के जल का अभाव आदि यहां की खेती को विषम बना देती हैं। ऐसी परिस्थितियों में पाँलीहाउस तकनीक द्वारा बेमौसमी सब्जियों की खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है। चप्पन कद्दू की गुणवत्ता एवं...