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Crop disease
हँसराज शिवरान , गोपाल चौधरी, डॉ. एस . पी सिंह , डॉ. बी. एस. मिठारवाल
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Management of Whitegrub in Kharif Crops
सफ़ेद लट (whitegrub) खरीफ की फसलों जैसे मूंगफली, मूंग, मोठ, बाजरा, सब्जियों इत्यादि पौधों की जड़ो को काटकर हानि पहुँचती है।
ये मूंगफली जैसी मुसला जड़ो वाली फसलों में, बाजरा जैसे झकड़ा जड़ वाली फसलों की अपेक्षा अधिक नुकसान करती है । राजस्थान के हल्के बालू मिटटी वाले क्षेत्रो में होलोट्राइकिया नामक भृंगो की सफ़ेद लटें अत्यधिक हानि करती है ।
सफ़ेद लट का जीवन चक्र :
राजस्थान के हल्के बालू मिटटी वाले क्षेत्रो में होलोट्राइकिया नामक भृंगो की सफ़ेद लटें एक वर्ष में केवल एक ही पीढ़ी पूरी करती है । मानसून अथवा मानसून पूर्व की पहली अच्छी वर्षा के पश्चात इस किट के भृंग सांयकाल गोधूलि वेला के समय प्रतिदिन भूमि से बाहर निकलते है|
सूर्य के तीव्र प्रकाश में यह भृंग भूमि से बाहर नहीं निकलते| मादा भृंग समागम के 3-4 दिन पश्चात गीली मिटटी में लगभग 10 सेमि गहराई पर अंडे देना शुरू कर देती है परन्तु यह सारे अंडे एक साथ न देकर थोड़े थोड़े अंडे 4-5 सप्ताह तक देती रहती है
अंडो में से 7-13 दिन पश्चात छोटी लटें निकलनी प्रारम्भ हो जाती है जो निम्न प्रकार से है-
प्रथम अवस्था की लट 15 मिलीमीटर लम्बी होती है । यह अवस्था 2 सप्ताह तक रहती है
द्वितीय अवस्था की लट 35 मिलीमीटर लम्बी होती है । यह अवस्था...