22 Jan अधिक लाभ के लिए बेबी कॉर्न की खेती
Cultivation of baby corn for more profit बेबी कॉर्न मक्का का भुट्टा है जो सिल्क (भुट्टा के ऊपरी भाग में आयी रेशमी कोपलें) की 1-3 से॰ मी॰ लम्बाई वाली अवस्था तथा सिल्क आने के 1 - 3 दिन के अन्दर ऋतु के अनुसार, पौधे से तोड़ लिया जाता है (चित्र 1 तथा 2) | इस अवस्था में दाने अनिषेचित (अनफर्टिलाइज्ड ) होते हैं | अच्छे बेबी कॉर्न की लम्बाई 6-10 से॰ मी॰‚ व्यास 1-1.5 से॰ मी॰ तथा रंग हल्का पीला होना चाहिये | यह फसल खरीफ (गर्मी) में लगभग 50-60 दिनों‚ रबी (जाड़ा) में 110-120 दिनों‚ तथा जायद (वसंत) में 70-80 दिनों में तैयार हो जाती है | एक वर्ष में बेबी कॉर्न की 3-4 फसलें आसानी से ली जा सकती हैं | बेबी कॉर्न की निश्चित विपणन (मार्केटिंग) और डिब्बाबंदी (कैनिंग) होने से अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है | इसका उत्पादन विश्व के कई देशों में होता है और विभिन्न व्यंजनों के रूप में उपयोग में लाया जाता है | इसके खेती से पशुओं के लिए हरा चारा भी मिल जाता है | चित्र 1 बेबी कॉर्न (छिलका सहित ) चित्र 2 बेबी कॉर्न छिलका हटाकर बेबी कॉर्न मक्का का पौष्टिक महत्व: बेबी कॉर्न एक स्वादिष्ट पौष्टिक आहार है तथा पत्तों में लिपटे रहने के कारण कीटनाशक रसायनों के प्रभाव से लगभग...