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मि‍र्च की पौधशाला Tag

मिर्च की खेती के लिए नर्सरी की तैयारी मिर्च को सामान्य रूप से प्रत्यारोपित किया जाता है क्योंकि बहुत बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं और विशेष देखभाल दी जा सकती है, जब पौध नर्सरी में तैयार की जाती है| मि‍र्च नर्सरी के लिए साइट का चयन चयनित क्षेत्र अच्छी तरह से सूखा होना चाहिए, और जल जमाव से मुक्त होना चाहिए उचित धूप होनी चाहिए, नर्सरी को पानी की आपूर्ति पास होनी चाहिए ताकि सिंचाई आसान हो सके। इस क्षेत्र को पालतू और जंगली जानवरों से अच्छी तरह से संरक्षित किया जाना चाहिए। कार्बनिक पदार्थों से भरपूर रेतीली दोमट और दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है ।। स्वस्थ रोपाई के लिए, बीज और मिट्टी को रोगज़नक़ और कीट से मुक्त होना चाहिए। मि‍र्च नर्सरी तैयार करना क्यारी  का आकार: सीडबेड 90 सेमी (3 फीट) चौड़ा, 30 सेमी (1 फीट) जमीन के स्तर से ऊंचा होना चाहिए और 45 सेमी (18 फीट) लंबाई,  एक एकड़ में रोपाई करने के लिए एक एकड़ में 4 क्यारीयो की आवश्यकता होगी। नर्सरी बनाने की प्रक्रिया: जुताई से पहले जमीन की सतह को पहले साफ कर लें। ढेलों और ठूंठ को हटा दें। फिर बीज की तैयारी से पहले देसी हल से 2 बार खेत की जुताई करें बीज बोने के लिए (जैसे 3 फीट × 18 फीट × 1 फीट) के बेड आकार के साथ 4 उठाए गए बेड तैयार करें। फिर...

मिर्च की पौध की तैयारी व देखभाल मिर्च की खेती पौध तैयार कर के की जाती है। अच्छे और स्वस्थ पौध अच्छी खेती का आधार होती है। पौध की तैयारी पौधशाला या नर्सरी में की जाती है। इसके लिए जगह का चुनाव बहुत मत्वपूर्ण है। पौधशाला ऐसी जगह पर होना चाहिए जहाँ छाँव न हो और पर्याप्त मात्रा में धूप उपलब्ध हो। पौधशाला का क्षेत्र सीमित होना चाहिए ताकि देखभाल आसान हो। पौधशाला की मिट्टी उपजाऊ और दोमट होनी चाहिए जहाँ जल निकासी की व्यवस्था हो। अगर पौधशाला की भूमि ऊंचाई पर हो तो अच्छा है जिससे वर्षा काल में पानी ठहरने का भय न हो साथ ही साथ सिंचाई की व्यवस्था भी होना चाहिए। एक बात का ध्यान रखे की अन्य टमाटर वर्गीय सब्जियां जैसे की टमाटर, बैगन आदि के पौध मिर्च के साथ तैयार न करें। इससे रोगों के प्रकोप का डर कम हो जाता है। पौधशाला का क्षेत्र व आकार : कितने क्षेत्र में मिर्च पौध की तैैयारी करनी है, यह इस बात पर निर्भर करता है की मिर्च की खेती कितने क्षेत्रफल में होनी है। प्रायः एक हेक्टेयर क्षेत्र के लिए ४००-५०० ग्राम बीज संकर किस्मों की चाहिए तथा १-१.५ कि. ग्रााा. बीज अन्य उन्नत किस्मों के लिए चाहिए। सामन्यतः बीजाई क्यारियों में की जाती है जिसकी लम्बाई २-३ मीटर, चौड़ाई १-१.५...