17 Nov कृषि एवं बागवानी फसलों में मृदा परीक्षण का महत्व एवं मृदा नमूना लेने की विधि
Importance of Soil Testing and Method of Soil Sampling in Agricultural and Horticultural Crops जिस प्रकार मनुष्य को जीवित रहने के लिए भिन्न-भिन्न पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार पौधों के संपूर्ण विकास हेतु कम से कम 17 किस्म के पोषक तत्व आवश्यक हैं इनमें से गैर खनिज तत्व पौधे हवा और पानी से स्वयं लेते हैं लेकिन शेष 14 तत्व पौधे जड़ों द्वारा मिट्टी से ही प्राप्त करते हैं। पौधों के पोषक तत्वों को 4 समुहों मे बांटा जा सकता है। गैर खनिज पोषक तत्व - कार्बन, हाईड्रोजन और ऑक्सीजन। प्रधान खनिज पोषक तत्व - नत्रजन, फास्फोरस, पोटाश। गौण खनिज पोषक तत्व - कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर। सूक्ष्म पोषक तत्व - लोहा, जिंक, बोरोन, कापर, मैगनीज, मोलीबडेनम, क्लोरीन तथा निक्कल। पौधों के उचित विकास और भरपूर फसल के लिए ये सारे तत्व मिट्टी में सही संतुलन में होने जरूरी हैं। लेकिन मिट्टी की भौतिक एवं रासायनिक संरचना में विषमताओं के फलस्वरूप ये तत्व अकसर असंतुलित मात्रा में मिट्टी में पाए जाते हैं। इसके अलावा लगातार एक ही जगह फसल उगाने एवं सघनता बढ़ाने से धीरे - धीरे मिट्टी में तत्वों की कमी हो जाती है जिससे उपज पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इस कमी को पूरा करने के लिए उचित मात्रा में खाद या उर्वरक डालने की आवश्यकता पड़ती है, ताकि मिट्टी में आवश्यक...