01 May कृषि आय बढ़ाने के लिए मोरिंगा (सहजन) के मूल्य संवर्धित उत्पाद
Moringa's Value Added Products to Increase Agricultural Income वर्तमान फसल पद्धतियों एवं जलवायु की दशाओं को ध्यान में रखते हुए किसानों की आय मे वृद्धि कृषि वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी समस्या है। इसके लिए परंपरागत फसलों एवं बहुमूल्य औषधीय पौधों की खेती की ओर काफी ध्यान दिया जा रहा है। इस प्रकार की फसलें अल्प लागत में अधिक लाभ देकर स्थायी विकास को प्रोत्साहित करती हैं तथा अन्य सह फसलों के उत्पादन में होने वाले जोखिम को भी कम करती हैं। मोरिंगा यानि सहजन (मोरिंगा ओलीफेरा) एकवंशीय, मोरिंगेसी कुल का पौधा है जिसके सभी भागों को पोषण सम्पन्न माना जाता है। इसकी पत्तियों एवं फलियों में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन, खनिज व अनेक पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। हमारे देश में सहजन की एक बड़े भाग पर व्यावसायिक खेती होती है। पोषक गुणो से भरपूर सहजन के व्यावसायिक उत्पादों को विश्व भर में स्वास्थ्य वर्धक पोषक तत्वों की प्रतिपूर्ति हेतु सेवन किया जा रहा है। मोरिंगा लगभग 300 रोगों के लिए संजीवनी का कार्य करता है। अतः इसके विभिन्न भागों का प्रयोग करके व्यावसायिक रूप से निर्मित उत्पादों से न केवल पोषण प्रतिपूर्ति संभव हो सकती है बल्कि इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों के विपणन से किसानों को अच्छी आय भी मिलती है। इसलिए इसके उत्पादों की बाजार में अच्छी ख़ासी...