30 Nov लवणीय मृदा : चारा उत्पादन के लिए वैकल्पिक प्राकृतिक संसाधन
Saline soil: Alternative natural resources for fodder production लवणीय मृदा समस्याग्रस्त मृदाएं में से एक है जिसको उचित प्रयास एवं प्रबंधन के साथ वनस्पति आवरण के तहत लाया जा सकता है । प्राकृतिक कारणों की वजह एवं उचित प्रबंधन न मिलने से विकृत हो जाती है । इन मृदाओं में कुछ गुणों के अधिकता एवं कमी के होने के कारण इसे खेती के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है । हमारे देश का भौगोलिक क्षेत्रफल 329 मिलियन हेक्टेयर है जिसमें 173.65 मिलियन हेक्टेयर मृदा समस्याग्रस्त है । इसमें से 25 मिलियन हेक्टेयर खाद्य फसल की खेती के लिए उपयुक्त नहीं है जिसमें 5;5 मिलियन हेक्टेयर लवणीय मृदा भी शामिल है । अतिरिक्त चारा संसाधन का विकास केवल इन मृदाओं के उपयोग के माध्यम से ही संभव है जिसका मुख्य वजह है अन्य भूमि से कम स्पर्धा होना । लवणीय मृदा ऐसी मृदाएं जिनमें घुलनशील लवणों की अधिकता के कारण बीज का अंकुरण एवं पौधे का विकास प्रभावित होता है, लवणीय मृदाएं कहलाती है । इन मृदाओं की सतह पर कैल्शियम, मैग्नीशियम व पोटेशियम के क्लोराइड एवं सल्फेट आयन अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में पाये जाते हैं । विधुत चालकता 4 डेसी साइमन प्रति मीटर से अधिक, विनियम योग सोडियम 15 प्रतिशत से कम तथा पी एच मान 8.5 से कम होता है । इन मृदाओं में घुलनशील...