15 Mar Walk-in-tunnel technology for off season cultivation of vegetables
बेमौसम सब्जियों की खेती के लिए वॉक-इन-सुरंग प्रौद्योगिकी संरक्षित खेती का मुख्य उद्देश्य सब्जी फसलों को मुख्य जैविक या अजैविक कारकों से बचाकर उगाना होता है। इसमें फसल को किसी एक कारक या कई कारकों से बचाकर उगाया जा सकता है। संरक्षित सब्जी उत्पादन के लिए सब्जी उत्पादकों को संरक्षित खेती व विभिन्न संरक्षित संरचनाओं की पूर्ण जानकारी होना बहुत आवश्यक है। उसके बाद ही उत्पादक तय कर सकता है कि वह किस प्रकार की संरक्षित तकनीक अपनाकर बेमौसमी सब्जियों का उत्पादन करे। कौन कौन सी संरक्षित प्रौद्योगिकीयॉ हैं जिनमे वह सब्जियों को वर्ष भर उगा सकता है। संरक्षित संरचनाओं को बनाने के बाद में रख रखाव में क्या व्यय होगा तथा उच्च गुणवत्ता वाली सब्जियों को वह किस बाजार में बेचकर अधिक लाभ कमा सकता है। इन सभी विषयों की जानकारी आवश्यक है। मुख्यत: सब्जी उत्पादन हेतू उचित व उपयुक्त संरक्षित प्रौद्योगिकी की आवश्यकता उस क्षेत्र की जलवायु पर निर्भर करती है। लेकिन इसके अलावा किसान की आर्थिक दशा, टिकाऊ व उच्च बाजारकी उपलब्धता व बिजली की उपलब्ध्ता आदि कारक भी इसको निर्धारित करते है। सब्जीयों के बेमौसमी उत्पादन हेतू मुख्यत: वातावरण अनुकूलित ग्रीनहाउस (Airconditioned greenhouse), प्राकृतिक वायु संचारित ग्रीनहाउस (Natural air flow greenhouse), कम लागत वाले पॉलीहाउस (Low cost polyhouse), वाक-इन-टनल (Walk in tunnel), कीट अवरोधी नेटहाउस (Insect resistant nethouse), तथा लो...