28 May शिमला मिर्च के बीजोत्पादन की उन्नत तकनीकियाँ
Capsicum (Shimla mirch) seed production technique उत्तम बीज उत्पादन, सब्जी उधाोग का प्रमुख आधाार है। सब्जी बीज उत्पादन एक विशिष्ट एवं तकनीकी कार्य है और बहुत कम किसान बीज उत्पादन क्षेत्र में कुशल और प्रशिक्षित होते है। इसी लिए देश मे उच्च कोटि के बीज की प्रयाप्त उपलब्ध्ता नही रहती। फलदार सब्जियों में शिमला मिर्च का एक विशिष्ट स्थान है। हमारे देश में इसे विभिन्न नामों से जाना जाता है जैसे शिमला मिर्च, कैप्सिकम (capsicum), स्वीट पेपर, सागिया मिर्च, वैजिटेबिल पैपरिका आदि। शिमला मिर्च का बीजोत्पादन कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड एवं जम्मू कश्मीर में अधिाक होता है । शिमला र्मिच के आनुवंशिक शुध्दता, उचित अंकुरण क्षमता, रोगाणुओं से मुक्त स्वस्थ बीज को पैदा करने के लिये निम्नलिखित बातों को धयान में रखना आवश्यक है। उन्नत जातियाँ शिमला मिर्च की उन्नत किस्में कैलिपर्फोनिया वण्डर, येलो वण्डर, किंग आपफ नार्थ, स्वीट बनाना, बुलनोज, अर्का मोहिनी, अर्का गौरव, रूबी किंग आदि तथा पैपरीका की के.टी.पी.एल.-19 प्रचलित है। इन किस्मों के अलावा अब संकर जातियों ने पैदावार के लिये विशेष स्थान ले लिया है तथा हमारे देश में भी संकर जातियाँ प्रचलित हो रही हैं। संकर जातियाँ बनाने का कार्य भी किया जा रहा है। शिमला मिर्च के बीजोत्पादन के लिए जलवायु गर्म मौसम की फसल होने के कारण इसे लगभग 4 से 5 माह का पाला रहित समय चाहिये। पहाड़ी क्षेत्रों में...