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समेकित कीट प्रबन्धन Tag

Eco-friendly integrated pest management: Dire need of hour कीड़े-मकोड़े फसल की पैदावार को अत्यधिक क्षति पहुँचाते हैं जिससे किसानों का परिश्रम बर्बाद हो जाता है। इन समस्यों के निवारण हेतु किसान रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग करते हैं । इस बात में कोई संदेह नहीं है कि रासायनिक कीटनाशक कीट प्रबन्धन के सफल हथियार है परन्तु इनके अनेकों दुष्परिणाम भी हैं। जीवनाशी के उपयोग से किसानों के मित्र जीव भी नष्ट हो गए। अधिक जीवनाशी उपयोग करने से जीवनाशी अवशेष फसलों में अधिक दिनों तक बना रहता है जो उपभोक्ता के स्वास्थ्य के लिये हानिकारक होता है । चना फली भेदक, सेमीलूपर, काला माहूँ जैसे कीटों से बचाव करने के लिए रासायनिक कीटनाशक इण्डोसल्फान का प्रयोग काफी प्रचलित हुआ परन्तु इसी कीटनाशक के विनाशकारी प्रभाव ने केरल के एक गॉंव में तबाही का मंजर पैदा कर दिया था । वहाँ की वर्षा खुशहाली का प्रतीक होने के बजाय विष का स्रोत बन गयी। अब इण्डोसल्फान के प्रयोग पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है । एक अच्छा कीटनाशक वही है जो पर्यावरण के लिए सुरक्षित हो, उचित मूल्य का हो और घातक कीटों का ही नाश करे परन्तु  रासायनिक कीटनाशक इन मापदंडों पर खरे नहीं उतरते हैं। यही कारण है अब वैज्ञानिकों और किसानों का ध्यान समेकित कीट प्रबन्धन कि तरफ है जो कि...

Integrated pest management of cucurbits in dry area कददूवर्गीय सब्जियों को मानव आहार का एक अभिन्न भाग माना जाता है. एक आदमी को रोजाना 300 ग्राम सब्जियां खानी चाहिए परंतु भारत मे इसका 1/9 भाग ही मिल पाता है. भारत दुनिया में सब्जी उत्पादन मे दूसरा सबसे बड़ा देश है और चीन का पहला स्थान है. सब्जियां विटामिन और खनिज लवणों का समृद्ध स्रोत होते हैं. सब्जी उत्पादन में कीडों से बहुत नुकसान होता है. भारत मे कीडों, रोगों, सुत्रकृमियों एवं खरपतवारों से 30% तक नुकसान होता है. कददूवर्गीय सब्जियों में लगने वाले कीट निम्नलिखित है: कददूवर्गीय सब्जियों मुख्य कीट 1. फल मक्खी: वैज्ञानिक नाम: बैक्ट्रोसेरा (डैक्स) कुकुरबिटी, कुल: टैफरीटीडी, गण: डीपटैरा पौषक पौधे: फल मक्खी का आक्रमण सभी कद्दू कुल के पौधो मे होता है जैसे लौकी, करेला, तोरई, कद्दू, ककडी, खरबूज, खीरा, टिंडा आदि. आर्थिक क्षति एवं नुकसान: इस फल मक्खी के व्यस्क के पंख भूरे रंग के होते है. इस कीट का मैगट ही क्षति पहुंचाता है. इसका प्रकोप फरवरी से लेकर नवम्बर तक होता है. मादा फल मक्खी अपने अंडरोपक को कोमल फलों मे धॅसाकर गूदे मे अण्डे देती है. ग्रसित फल के छेद से लसदार हल्के भुरे रंग का द्रव निकलता है. अण्डे से मैगट निकलते है जोकि गूदे को खाकर उसमें स्पंज, जैसे बहुत से छेद कर देते है ओर फल सडनें लगता है. कददूवर्गीय फल मक्खी का...