15 Sep मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं मृदा परीक्षण की अनिवार्यता
Necessity of soil health card and soil testing कृषि उत्पादकता बढाने के लिए मृदा स्वास्थ्य पर ध्यान केंदित करना अत्यंत आवश्यक है इस बात को ध्यान मे रखते हुऐ वर्तमान सरकार ने पूरे देश में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना शुरू की है। इसमे मृदा का परीक्षण करना तथा उसका ब्योरा रखना बहुत महत्वपूर्ण कार्य माना गया है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड की विशेषताएं सरकार ने इस योजना के तहत पुरे भारत के 14 करोड़ से भी ज्यादा किसानों तक इस स्कीम से जोडने की सोचा है। यह योजना भारत के हर क्षेत्र में उपलब्ध है। इस योजना से जुड़े हुए सभी किसानों को उनका मृदा स्वास्थ्य कार्ड ऑनलाइन और प्रिंट कर के दिया जाता है। मिटटी के परिक्षण के बाद इसमें उनके खेत की मिटटी के विषय में सभी जानकारियाँ दी जाती है। हर किसान को उनके मृदा का स्वास्थ्य कार्ड प्रति 3 वर्ष में दिया जाता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड में क्या-क्या जानकरी लिखा होता है? किसान का नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा सैंपल नंबर होता है। मृदा का स्वास्थ्य की यह मिटटी फसल करने के लिए सही है या नहीं। मिटटी की विशेषताएं और सामान्य सिफारिशें। मिटटी में उपलब्ध सभी पोषक तत्व। मिटटी में किन-किन खाद का किन-किन अनाज के फसल में कितना उपयोग करना चाहिए उसकी जानकरी। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के फायदे इस स्कीम की मदद से किसानों को अपने खेत...