19 Mar कम निवेश से अधिक आय के लिए स्पायरुलीना की खेती
Spirulina (Arthro spira platensis) cultivation for low investment and high income स्पिरोलिना (ऑरथो स्पाइरा प्लैटेंसिस), एक नील हरित शैवाल (Blue green algae) है। यह एक पौष्टिक प्रोटीन आहार पूरक है और इसका उपयोग कई दवाओं के निर्माण और सौंदर्य प्रसाधनों में भी किया जाता है। इसमें प्रोटीन, एंटीऑक्सिडेंट्स, कई विटामिन और खनिज प्रचूर मात्रा पाए जाते है। स्वस्थ जीवन शैली के लिए यह एक सूपर फूड के रूप में जाना जाता है। कृषि में बढती लागत व कम रिटर्न के कारण किसान की आय में निरंतर गिरावट आ रही है। किसान की आय को बढाने के लिए स्पाईरूलिना की खेती में बहुत संभावनाऐ नजर आती है। आजकल एक किलो सूखे स्पिर्युलिन पाउडर (Dry spirulina powder) का बाजार मुल्य लगभग 1000 रुपये के आसपास है। अत: स्पिरोलिना की खेती से किसान कम निवेश करके, नियमित फसलों की तुलना में, अच्छी आय पा सकते है। स्पाइरुलिना की व्यावसायिक स्तर खेती, धीरे-धीरे भारत के कई हिस्सो में, विशेषकर तमिलनाडु में होने लगी है। भारत में मानसून अनिश्चितता तथा फसल उत्पादो की बिक्री से जुडी समस्याओं के कारण भी किसानो का रूझान स्पिरोलिना की खेती की ओर जा रहा है क्योकि स्पिरोलिना के लिए निश्चित बाजार है तथा ये नियमित आय देने वाली फसल है। स्पाइरुलिना का उत्पादन हालाकि स्पाइरुलिना किसी भी सुविधाजनक आकार के सीमेंट या प्लास्टिक के...