12 Jan किसानों को ड्रिप सिंचाई को क्यों अपनाना चाहिए ?
Why should farmers adopt drip irrigation? ड्रिप सिंचाई व्यवस्था सिंचाई की एक उन्नत तकनीक है जो पानी की बचत करता है । इस विधि में पानी बूंद-बूंद करके पौधे या पेड़ की जड़ में सीधा पहुँचाया जाता है जिससे पौधे की जड़े पानी को धीरे-धीरे सोखते रहते है। इस विधि में पानी के साथ उर्वरको को भी सीधा पौध जड़ क्षेत्र में पहुँचाया जाता है जिसे फ्रटीगेसन कहते है । फ्रटीगेसन विधि से उर्वरक लगाने में कोई अतिरिक्त मानव श्रम का उपयोग नही होता है। अत% यह एक तकनीक है जिसकी मदद से कृषक पानी व श्रम की बचत तथा उर्वरक उपयोग दक्षता में सुधार कर सकता है। ड्रिप सिंचाई कम पानी की उपलब्धता वाले क्षेत्रों के लिए एक सफल तकनीक है। जिसमे स्थाई या अस्थाई ड्रिपर लाइन जो पौधे की जड़ के पास या निचे स्तिथ होते है । आज के परिद्रश्य में पानी की कमी से हर देश, हर राज्य, हर क्षेत्र जूझ रहा है तथा समय के साथ यह समस्या विकराल होती जा रही है। इसलिए जहाँ भी पानी का उपयोग होता है। वहाँ हमे जितना भी संभव हो इसकी बचत करनी चाहिए । पानी का अत्यधिक उपयोग कृषि में ही होता है। इसलिए इसकी सबसे अधिक बचत भी यहीं ही संभव है। और हमें इसे बचाना चाहिए । इस मुहीम...