14 Mar आलू की खेती की उन्नत विधि
Improved technology of potato cultivation आलू भारत की सबसे महत्वपूर्ण फसल है। तमिलनाडु एवं केरल को छोडकर आलू सारे देश में उगाया जाता है। भारत में आलू की औसत उपज 152 क्विंटल प्रति हैक्टेयर है जो विश्व औसत से काफी कम है। अन्य फसलों की तरह आलू की अच्छी पैदावार के लिए उन्नत किस्मों के रोग रहित बीजो की उपलब्धता बहुत आवश्यक है। इसके अलावा उर्वरकों का उपयोग, सिंचाई की व्यवस्था, तथा रोग नियंत्रण के लिए दवा के प्रयोग का भी उपज पर गहरा प्रभाव पडता है। भूमि एवं जलवायू सम्बंधी आवश्यकताऐं : आलू की खेती के लिए जीवांश युक्त बलूई-दोमट मिट्टी ही अच्छी होती है। भूमि में जलनिकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए । आलू के लिए क्षारीय तथा जल भराव अथवा खडे पानी वाली भूमि कभी ना चुने। बढवार के समय आलू को मध्यम शीत की आवश्यकता होती है। आलू की खेती के लिए उन्नत किस्म का बीज : आलू की काश्त में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका बीज अच्छी श्रेणी का हो। अच्छे बीज विशेषकर रोगाणूमुक्त बीज का प्रयोग करके आलू की पैदावार बढाई जा सकती है। अच्छी उपज के लिए जलवायू खण्ड या क्षेत्र के अनुसार केवल सिफारिश की गई उपयुक्त किस्में ही चुने। उपयुक्त माप के बीज का चुनाव : आलू के बीज का आकार और उसकी उपज से लाभ का आपस मे गहरा सम्बंध है। बडे...