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ओरोबेंकी Tag

Orobanche, an unsolved problem of Indian mustard and ways of its management भारत में खेती की जाने वाली सात खाद्य तिलहनी फसलों में, रेपसीड-सरसों का तेल उत्पादन में 2.9% का योगदान होता है जो कि मूंगफली के बाद दूसरे स्थान पर आता है और ये भारत के तिलहन अर्थव्यवस्था का कुल 28% साझा करता है। भारत में सरसों को उगाने वाले प्रमुख राज्यों के अधिकांशतः क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के जैविक और अजैविक तनावों का असर पड्ता रहता है। इन तनावों में, ओरोबेंकी (Orobanche) प्रमुख चिंता का विषय बन गया है। ओरोबेंकी या ओरोबेंकी (फेलिपेन्च और ओरोबैन्के) ओरोबेंकिएसी परिवार के समूह से जुड़ीीी, एक बाध्यकारी जड़ निहित - परजीवी घास हैं और दुनिया भर में सरसों और अन्य फसलों में सबसे खतरनाक जैविक तनाव का एक मूल कारण है। भारत में, पी. रमोसा और पी. ईजीप्टियाका दो प्रमुख ओरोबेंकी की प्रजातियां हैं, जिससे भारतीय सरसों (ब्रैसिका जुंसिया) ग्रसित हैं। हालांकि, कई रासायनिक और सांस्कृतिक विधियों एवम् प्रथाओं को विकसित किया गया और उसे इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किया जा रहा है। लेकिन, इनमें से कोई भी विधि किसान के खेतों में इस परजीवी घास के खतरे का सामना करने में प्रभावी नहीं है। इसलिए, ओरोबेंकी से निजात और सरसों में प्रतिरोधी क्षमता विकसित करने के लिए प्रजनन और जैव-प्रौद्योगिकी संबंधी दृष्टि कोणों...

Orobanche Weed And Their Management खरपतवार वे अवांछित पौधे हैं जो खेत व अन्य स्थानों पर उग जाते हैं एवं वांछित फसल के साथ पोषक तत्वों, पानी, हवा, प्रकाष आदि के लिए प्रतिस्पर्धा करते है। परजीवी खरपतवार अपना जीवन-चक्र की उत्तारजीविता के लिए आंशिक या पूर्ण रूप से दूसरे स्वपोशित पौधों पर निर्भर रहते हैं। ओरोबैंकी, भूँईफोड़ या आग्या (बु्रमरेप) मुख्यतया सरसों कुल की फसलों का अपर्ण हरिती व्यक्त पुष्पीय पूर्ण रूप से मूल परजीवी खरपतवार होता हैं। यह सुपर सिंक अर्थात फसल द्वारा सश्लेषि‍त प्रदार्थ को चूस कर फसल के उत्पादन को अपेक्षित रूप से कम कर देता है। आरोबेंकी आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण द्विबीजपत्रीय फसलों की जड़ों पर आक्रमण करते हैं। आरोबेंकेसी कुल की प्रजातियों से आरोबेंकी क्रेनाटा, आरोबेंकी सर्नुआ, आरोबेंकी रेमोसा व आरोबेंकी इजिप्टियाका ही आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। ओ. इजिप्टियाका सरसों (क्रुसीफेरी) कुल के अतिरिक्त कई सोलोनेसी कुल के पौधे जैसे टमाटर, बेंगन, तम्बाकू, आलू का भी परजीवी खरपतवार हैं। सरसों की फसल में इसके प्रकोप से 10 से 70 प्रतिशत तक हानि हो सकती हैं। खरपतवार सरसों, तोरिया, राया आदि फसलों पर ओरोबैंकी इजिप्टिका का आक्रमण्ा सबसे पहले राजस्थान के अलवर, भरतपुर, सवाईमाधोपुर आदि क्षेत्रौ में देखा  गया हैं। यह परजीवी सरसों उगाये जाने वाले सभी क्षेत्रौ जैसे राजस्थान, उत्तारप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा आदि में पाया जाता...