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पशु पोषण Tag

ऊँट को भले ही “रेगिस्तान का जहाज” कहा जाता है, क्योंकि वह अत्यधिक गर्मी, सूखे वातावरण और पानी की कमी जैसी कठिन परिस्थितियों में भी लंबे समय तक जीवित रहने की अद्भुत क्षमता रखता है। राजस्थान जैसे शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में ऊँट ग्रामीण परिवारों के लिए परिवहन, कृषि कार्य और आजीविका का महत्वपूर्ण साधन रहा है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि ऊँट गर्मी से पूरी तरह अप्रभावित रहता है। ग्रीष्म ऋतु में लगातार खेतों में जुताई, गाड़ी या छकड़ा खींचने तथा बोझा ढोने जैसे भारी कार्य लेने से ऊँट में निर्जलीकरण, थकावट, शरीर का तापमान बढ़ना, भूख में कमी और कार्यक्षमता में गिरावट हो सकती है। इसलिए गर्मियों में ऊँट के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, छाया, उचित विश्राम और वैज्ञानिक श्रम प्रबंधन बेहद जरूरी है। 1. पानी की पर्याप्त व्यवस्था सबसे जरूरी ऊँट कई दिनों तक बिना पानी के रह सकता है, लेकिन गर्मी में नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराना उसके स्वास्थ्य और कार्यक्षमता के लिए अत्यंत आवश्यक है। विशेष रूप से जब ऊँट से लगातार काम लिया जा रहा हो, तब पानी की आवश्यकता बढ़ जाती है। ऊँट को साफ एवं स्वच्छ पानी उपलब्ध कराएं। पानी की उपलब्धता मौसम, काम की तीव्रता, चारे और ऊँट की शारीरिक स्थिति के अनुसार रखें। अत्यधिक गर्मी में काम करने...