19 Oct ड्रिप सिंचित सब्जी फसलों के लिये श्रेष्ठ रोपण ज्यामिति व उर्वरक प्रयोग पद्धति
Optimal planting geometry and fertilizer application method for drip irrigated vegetable crops फसलों की सिंचाई की विधियों में टपक सिंचाई पध्दति सर्वाधिक कुशल विधि है जिसमें जल का 80-90 प्रतिशत कुशल उपयोग होता है। इस पध्दति से सभी प्रकार की भूमि में कम समय एवं कम जल में सिंचाई की जा सकती है। टपक सिंचाई पध्दति द्वारा सिंचाई में पौधों के सीमित नम क्षेत्र के कारण रोग की सम्भावना कम होती है तथा फसलों की पंक्तियों में खर-पतवार नहीं उग पाते हैं। सिंचाई की इस विधि का उपयोग पूरे विश्व में तेजी से बढ़ रहा है। सीमित जल संसाधनों और दिनों-दिन बढ़ती हुई जलावश्यकता के कारण टपक सिंचाई तकनीक सर्वाधिक उपयुक्तहै। टपक तंत्र एक अधिक आवृति वाला ऐसा सिंचाई तंत्र है जिससे जल को पौधों के मूल क्षेत्रजड़ाें के आसपास दिया जाता है। टपक सिंचाई पध्दति द्वारा सिंचाई में पौधों को आवश्यकतानुसर जल दिया जा सकता हैं। टपक सिंचाई पध्दति वाली फसलों के उत्पादन में पर्याप्त वृध्दि (20-80%) एवं गुणवत्ताा में सुधार देखा गया है। टपक सिंचाई वाली फसलों में 30-40 प्रतिशत तक उर्वरक की बचत, 80-90 प्रतिशत तक जल की बचत के साथ उत्पादन में 20-80 प्रतिशत तक की वृध्दि हो सकती है। इसके अतिरिक्त खरपतवारों में कमी, उर्जा की खपत में बचत और उत्पाद की गुणवता में बढ़ोत्तारी भी होती है। टपक सिंचाई पध्दति टपक सिंचाई...