02 Jul लौकी में संकर बीज उत्पादन की उन्नत प्रौद्योगिकी
Hybrid seed production technique of bottlegourd खेत का चुनाव : संकर बीज उत्पादन के लिए चुना गया खेत अवांछित पौधों से रहित होना चाहिए। खेत समतल तथा उसमें उचित जल निकास की व्यवस्था होनी चाहिए। खेत की मिटटी का पीएच मान 6.5-7.5 के बीच उपयुक्त रहता है। खेत में सिंचाई की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। ऋतु (season) का चुनाव: लौकी के संकर बीज उत्पादन के लिए ग्रीष्म ऋतु की अपेक्षा खरीफ ऋतु अधिक उपचुक्त होती है। खरीफ ऋतु में, ग्रीष्म की अपेक्षा अधिक बीज उपज मिलती है क्योंकि खरीफ में फलों तथा बीजों का विकास अच्छा होता है। बीज का स्रोत (Seed source): संकर बीज उत्पादन के लिए पैतृक जननों (Parents) का आधारीय बीज (Foundation seed)ही प्रयोग किया जाता है जिसे सम्बन्धित अनुसंधान संस्थान या कृषि विश्वविद्यालयों से प्राप्त किया जा सकता है। पृथक्करण दूरी: (Sepearation) लौकी एक पर-परागित (cross polinated) एवं उभयलिंगाश्री (नर व मादा पुष्प का अलग अलग भागों पर आना) फसल है। आनुवांशिक रूप से शुद्व बीज उत्पादन के लिए, बीज फसल, अन्य किस्मों तथा व्यावसायिक संकर किस्मों के बीच में न्यूनतम 1000 मीटर की दूरी होनी चाहिए। नर व मादा पैतृकों की बुवाई अलग-अलग खण्डों में न्यूनतम 5 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए। पुष्प जैविकी (Floral biology): लौकी के फूल सफेद रंग के होते हैं। फूल प्राय: दोपहर बाद, 4 से 6 बजे के बीच...