16 Dec Nursery Techniques for Raising Quality Seedlings in Vegetable Crops
सब्जी फसलों की गुणवत्तापूर्वक पौध उत्पादन तकनीकियाँ पिछ्ले दो दशकों से हमारे देश में सब्जी उत्पादन में बड़ी तेजी से प्रगति हुई है। सब्जी उत्पादन की बढ़ोत्तरी में उन्नतशील प्रजातियों, संकर प्रजातियों तथा उन्नत उत्पादन तकनीकों का विशेष योगदान रहा है।विभिन्न जलवायु तथा मिट्टी के प्रकारों की उपलब्धता के कारण हम अपने देश में दुनिया की लगभग सभी प्रकार की सब्जियां उगाने में सक्षम है। इन सब्जियों में बहुत सी महत्वपूर्ण सब्जी फसलों को पहले पौधशाला में बीज बोकर पौध तैयार की जाती है तथा फिर तैयार पौध की खेत में रोपायी करके खेती की जाती है। सब्जी पौधशाला एक ऐसा स्थान है जहां पर सब्जियों की पौध तैयार की जाती है तथा पौधों को खेत में लगाने तक उनकी विशेष देखभाल की जाती है।अधिकतर सब्जी फसलें जैसे कि टमाटर, बैंगन, शिमला मिर्च, मिर्च, फूलगोभी, बंदगोभी, ब्रोकोली, गांठ गोभी, चाईनीज बंदगोभी व प्याज जिनके बीज छोटे व पतले होते है सब्जियों को शुरुआत विकास के दौरान विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। इनकी स्वस्थ व उन्नत पौध तैयार कर लेना ही आधी फसल उगाने के बराबर होता है।बेहतर देखभाल के लिए इन सब्जियों को शुरुआत में नर्सरी में बोया जाता है और बीज बुआई के लगभग एक महीने के बाद मुख्य क्षेत्र में प्रत्यारोपित किया जाता है। स्वस्थ पौधे तैयार करना एक तकनीकी कार्य है...