14 May ज्वार एवं बाजरा की बीज उत्पादन तकनीकि
Seed Production Techniques of Sorghum and Millet ज्वार की बीज उत्पादन तकनीक ज्वार दुनिया में पाँचवें नम्बर का खाद्यान है ज्वार को 55 प्रतिशत रोटी व दलिया के रूप में तथा पौधे को जानवरों के खाने के रूप में प्रयुक्त किया जाता है। अमेरिका में 33 प्रतिशत ज्वार दाने को जानवरों के खाद्यान के रूप में प्रयोग किया जाता है। भारत वर्ष में 1970 में 9 मि. टन ज्वार पैदा होती थी जो 1980 में बढ़कर 12 मि. टन पहुँच गई तथा 1990 में इतनी ही पैदावार स्थिर रही जो 2006 तक स्थिर रही लेकिन इसका क्षेत्रफल काफी कम हो गया। क्षेत्रफल कम होने के बावजूद पैदावार में कमी न आने का कारण उन्नत किस्में व तकनीकी रही। भारत में ज्वार 8.7 मि.है. क्षेत्रफल में जिसमें 3.9 मि.है. खरीफ में तथा 4.8 मि.है. रबी मौसम में उगाई जाती है। दुनिया में ज्वार के अन्तर्गत, कुल क्षेत्रफल का 20 प्रतिशत क्षेत्र भारत में आता है। खरीफ के मौसम में उत्पादकता 1345 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर तथा रबी में 480 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर होती है। अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों का योगदान 0.7 मि.है. से बढ़कर 6.5 मि.है. हो गया है। इसके बावजूद 80 मि.टन हरे चारे की तथा 660 मि.टन सूखे चारे की कमी प्रति वर्ष रहती है। ज्वार, पूसा चरी - 9, उंचाई 15 से 16...