13 Apr Butterfly pea (Clitoria ternera L.) cultivation , an alternative for Grassland development
तितली मटर की खेेेेती, चराहगाह विकास हेतु एक उत्तम विकल्प तितली मटर (क्लाइटोरिया टेर्नेटा एल.) एक बहुउद्देशीय दलहनी कुल का पौधा है इसका चारा पशु पोषण के हिसाब से अन्य दलहनी कुल के पौधों की अपेक्षा बहुत अधिक पौष्टिक, स्वादिष्ट एवं पाचनशील होता है। जिस कारण सभी प्रकार के पशुओं इसके चारे को बड़े चाव से खाते है। तितली मटर का तना बहुत पतला एवं मुलायम होता है, एवं इसमें पत्तियाँ चौड़ी एवं अधिक संख्या में होती है जिस कारण इसका चारा “हे” एवं “साइलेज” बनाने के लिए उपयुक्त माना गया है। अन्य दलहनी फसलों की तुलना में इसमें कटाई या चराई के बाद कम अवधि के भीतर ही पुनर्वृद्धि शुरू हों जाती है एवं इसमें चारा पैदावार की क्षमता अन्य दलहनी फसलों की तुलना में अधिक होती है। तितली मटर की खेती के लिए कम उपजाऊ भूमिया सबसे उपयुक्त मानी जाती है, जिस कारण इसे कम उत्पादक चरागाहों एवं बंजर भूमियों के विकास के लिए घास + दलहनी फसल मिश्रण के रूप में उगाते है। दलहनी कुल का पौधा होने के कारण यह मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ाता है एवं इसका पौधा जमीन पर बेल की तरह फैलता है जिससे यह मृदा संरक्षण का काम करता है। अतः यह उतम अपरदन अवरोधी फसल भी है। इसके अलावा तितली मटर को सजावटी पौधे के रूप...