04 Jan सरसों की बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी
Seed production technology of Mustard crop भारत में सरसों का क्षेत्रफल 7.2 मि. हेक्टेयर है जॊ दुनिया में प्रथम स्थान पर है यह कुल तिलहनी फसलों का 19.2% है। उत्पादकता में भारत, कनाडा और चीन के बाद तीसरॆ स्थान पर है जॊ दुनिया की औसत उपज से 1/2 टन प्रति हेक्टेयर कम है। भारत में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और पश्चिम बंगाल प्रमुख सरसों उत्पादक राज्य हैं। तिलहन फसलों का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 1.4% तथा कृषि जिंसों में 7% हिस्सा है। प्रजनक बीज उत्पादन स्थिति (2011-12) मांग ( क्विंटल ) : 48.88 उत्पादन ( क्विंटल ) : 132.83 किस्मों की संख्या : 53 उपरोक्त स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरसों का उत्पादन और उत्पादकता आत्म निर्भरता के लिए बढ़ाया जाना आवश्यक है। बीज उत्पादन तकनीकि, गुणवत्ता युक्त बीज उत्पादन के लिए अपनाई जानी चाहिए। भारत मॆं सरसों उत्पादक क्षेत्र सरसों की बीज उत्पादन तकनीकि: भूमि का चयन: पिछले वर्षों मॆ दूसरी किस्मॆं इस खॆत में न लगाई हॊ यह सुनिश्चित कर लॆं । स्वैच्छिक पौधों से बचने का कॆवल यह ही एक उपाय है। यदि एक ही किस्म उस खॆत में पिछले 3-4 वर्षों से लगा रहे हैं तो स्वस्थ फसल लेने के लिए खॆत कॊ बदलना आवश्यक है। सरसों बीज फसल मेंं अलगाव दूरी: विभिन्न किस्मों के परागण से बचने के लिए ब्रीडर बीज...