14 Mar सर्पगन्धा की खेती करने की विधि
Sarpgandha cultivation technique सर्पगन्धा एक अत्यन्त उपयोगी पौधा है। यह 75 सेमी से 1 मीटर ऊचाई तक बढता है। इसकी जडे सिर्पिल तथा 0.5 से 2.5 सेमी व्यास तक होती हैं तथा 40 से 60 सेमी गहराई तक जमीन में जाती हैं। इसपर अप्रैल से नवम्बर तक लाल सफेद फूल गुच्छो मे लगते है। सर्पगंधा की जडों मे बहुत से एल्कलाईडस पाए जाते है जिनका प्रयोग रक्तचाप, अनिद्रा, उन्माद, हिस्टीरिया आदि रोगों के उपचार में होता है। इसका उपयोगी भाग जडें ही है। सर्पगंधा 18 माह की फसल है। इसे बलुई दोमट से लेकर काली मिट्टी मे उगाया जा सकता है। सर्पगन्धा उगाने के लिए खेत की तैयारी: जडों की अच्छी वृद्धि के लिए मई माह में खेत की गहरी जुताई करें तथा खेत को कुछ समय के लिए खाली छोड दें। पहली वर्षा के बाद खेत में 10-15 गाडी प्रति हैक्टेयर के हिसाब से गोबर की डालकर फिर से जुताई कर दें। पटेला से खेत एकसार करने के बाद उचित नाप की क्यारियॉ तथा पानी देने के लिए नालियां बना दें। सर्पगंधा को बीजों के द्वारा अथवा जड, स्टम्प या तने की कटिगं द्वारा उगाया जाता है। सामान्य पी एच वाली जमीन से अच्छी उपज प्राप्त होती है।सर्पगन्धा की बीज द्वारा बुआई: अच्छे जीवित बीजों को छिटक कर बाया जा सकता है। अच्छे...