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अच्छी फसल के लिए किसान बीज, पानी और खाद पर काफी ध्यान देता है। लेकिन इन सबके साथ एक चीज और उतनी ही जरूरी है—खेत की मिट्टी की स्थिति जानना। मिट्टी में कौन-सा पोषक तत्व कम है, कौन-सा पर्याप्त है और मिट्टी का pH कैसा है, इसकी जानकारी बिना जांच के आसानी से नहीं मिलती।कई बार किसान फसल कमजोर दिखाई देने पर ज्यादा खाद डाल देते हैं। लेकिन हर बार फसल की समस्या खाद की कमी के कारण हो, यह जरूरी नहीं है। समस्या मिट्टी के pH, पानी की निकासी, लवणता या किसी खास पोषक तत्व की कमी के कारण भी हो सकती है।इसीलिए Soil Testing यानी मिट्टी की जांच खेती का एक जरूरी हिस्सा है। मिट्टी की जांच रिपोर्ट के आधार पर किसान अपनी फसल के लिए खाद और पोषक तत्वों का बेहतर तरीके से प्रबंधन कर सकता है। मिट्टी की जांच क्या होती है? मिट्टी की जांच में खेत से मिट्टी का सही नमूना लेकर उसे प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाता है। जांच के बाद पता चलता है कि मिट्टी में जरूरी पोषक तत्वों की स्थिति कैसी है और मिट्टी की रासायनिक स्थिति क्या है। Soil Health Card व्यवस्था के तहत मिट्टी की जांच में मुख्य रूप से 12 पैरामीटर देखे जाते हैं। इनमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम, सल्फर, जिंक,...

खेती में खाद डालने का सही तरीका समझना बहुत जरूरी है। कई बार किसान यह तो जानते हैं कि फसल में Urea, DAP या Potash देना है, लेकिन यह तय करना मुश्किल होता है कि एक एकड़ या एक हेक्टेयर खेत में कितनी मात्रा डालनी चाहिए। खाद की जरूरत हर खेत में एक जैसी नहीं होती। फसल कौन-सी है, मिट्टी में पहले से कौन-से पोषक तत्व मौजूद हैं और फसल को कितनी Nitrogen, Phosphorus तथा Potassium की जरूरत है इन सभी बातों का ध्यान रखना पड़ता है। इसी गणना को आसान बनाने के लिए नीचे Fertilizer Calculator दिया गया है। ...

Importance of soil testing and method of collecting soil samples भारत में मिट्टी परीक्षण सेवा 1956 मे 24 प्रयोगशालाओं के साथ शुरू हुई थी।  मृदा की जाँच एक रसायनिक प्रक्रिया है जिससे मिट्टी मे उपस्थित पौधों के पोषक तत्वों का निर्धारण व प्रबंधन किया जाता है।मृदा जांच से फसल बोने से पूर्व ही पोषक तत्वों की आवश्यक मात्रा ज्ञात की जाती है। जिससे आवश्यक उर्वरकों की पूर्ति फसल की आवश्यक्ता के अनुसार किया जा सके। मृदा जाँच के उददेश्य:– मृदा में पोषक तत्वों की सही मात्रा ज्ञात करना तथा उसके आधार पर संतुलित उर्वरकों का उपयोग करना। मृदा की विशिष्ठ दशाओं का निर्धारण करना जिससे मृदा को कृषि विधियों और मृदा सुधारक पदार्थों की सहायता से सुधारा जा सके। मृदा में आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा ज्ञात करना। मृदा की जांच के आधार पर फसलों के लिए संस्तुति देना। मृदा जांच के आधार पर क्षेत्रों का मूल्यांकन करना तथा उनकी उर्वरा शक्ति के आधार पर मानचित्र तैयार करना। समस्या ग्रस्त भूमियों के लिये मृदा सुधारकों की सही-सही मात्रा का निर्धारण करना। मृदा की जाँच क्यों जरूरी:- फसलों के वृद्धि ओर जीवन काल को पूरा करने के लिये 17 पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जिसमें कार्बन )C(, हाईड्रोजन )H) एवं आक्सीजन )O) की पूर्ति वायु तथा जल से होती है, ओर बचे हुये 14 पोषक तत्वों की आपूर्ति मृदा से...

Necessity of soil health card and soil testing कृषि‍ उत्‍पादकता बढाने के लि‍ए मृदा स्‍वास्‍थ्‍य पर ध्‍यान केंदि‍‍‍त करना अत्‍यंत आवश्‍‍‍‍यक है इस बात को ध्‍यान मे रखते हुऐ वर्तमान सरकार ने पूरे देश में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना शुरू की है। इसमे मृदा का परीक्षण करना तथा उसका ब्‍योरा रखना बहुत महत्‍वपूर्ण कार्य माना गया है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड की विशेषताएं सरकार ने इस योजना के तहत पुरे भारत के 14 करोड़ से भी ज्यादा किसानों तक इस स्कीम से जोडने की सोचा है। यह योजना भारत के हर क्षेत्र में उपलब्ध है। इस योजना से जुड़े हुए सभी किसानों को उनका मृदा स्वास्थ्य कार्ड ऑनलाइन और प्रिंट कर के दिया जाता है। मिटटी के परिक्षण के बाद इसमें उनके खेत की मिटटी के विषय में सभी जानकारियाँ दी जाती है। हर किसान को उनके मृदा का स्वास्थ्य कार्ड प्रति 3 वर्ष में दिया जाता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड में क्या-क्या जानकरी लिखा होता है? किसान का नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा सैंपल नंबर होता है। मृदा का स्वास्थ्य की यह मिटटी फसल करने के लिए सही है या नहीं। मिटटी की विशेषताएं और सामान्य सिफारिशें। मिटटी में उपलब्ध सभी पोषक तत्व। मिटटी में किन-किन खाद का किन-किन अनाज के फसल में कितना उपयोग करना चाहिए उसकी जानकरी। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के फायदे इस स्कीम की मदद से किसानों को अपने खेत...

Soil health card: Today’s requirement of farmers  कृषि एवं इससे संबंधित गतिविधियां भारत में कुल सकल घरेलु उत्पाद में 30 फीसदी का योगदान करती है। कृषि सीधे तौर पर मिट्टी से जुडी है। किसानों की उन्नति मिट्टी पर निर्भर करती है, मिट्टी स्वस्थ तो किसान स्वस्थ। इसी सोच के आधार पर  भारत सरकार ने 19 फरवरी 2015 को राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में किसानों के लाभ हेतु राष्ट्रव्यापी "मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना" का शुभारंभ किया। इस योजना में, किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाता है,जिसमें उनके खेत की मिट्टी की पूरी जानकारी लिखी होती है जैसे  उसमे कितनी -कितनी मात्रा किन -किन पोषक तत्वों की है और कौन- कौनसा उर्वरक किसानों को अपने खेतो में उपयोग करना होगा। यह योजना भारत के हर क्षेत्र में उपलब्ध है। सरकार ने इस योजना के तहत पुरे भारत के 14 करोड़ से भी ज्यादा किसानों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हर किसान को उसकी मृदा का स्वास्थ्य कार्ड प्रति 3 वर्ष में दिया जाता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड क्या है? मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मृदा के स्वास्थ्य से सम्बंधित सूचकों और उनसे जुडी शर्तों को प्रदर्शित करता है। ये सूचक स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों के सम्बन्ध में किसानों के व्यावहारिक अनुभवों और ज्ञान पर आधारित होते है। इसमें फसल के अनुसार, उर्वरकों  के...

भारत में खेती भूमी की माप-तोल के मात्रक या इकाईयॉं In most parts of India, the Units used for agriculture land measurements by farmers are Pucca Bigha, Kuccha Bigha, Bissa, Hath, Gattha, Jareeb, etc. Table provides Conversion of these conventional units into inch, feet, yard, meters, acre and hectare. भारत के अधिकांश भागो में कृषि माप तोल के लिए गज, हाथ, गटठा, जरीब, बिस्‍सा, बिस्‍वॉनसी, उनवांनसी, कचवानसी, बीधा, किल्‍ला, एकड, हैक्‍टेयर आदि मात्रकों का प्रयोग होता हैं। इन मात्रकों को एक दुसरे मे परि‍वर्तन से से सम्‍बधित जानकारी दी गयी है। Units of Length Measurements लम्‍बाई मापने के मात्रक 1 Meter (1 मीटर ) = 100 Centimeter (100 सें.मी.) = 39.3701 Inch (39.3701 इंच)  1 Yard  (1 गज ) = 36 Inch (36 इंच)  = 0.91 Meters (0.91 मीटर) 1 Haath ( 1 हाथ ) = 18 Inch (18 इंच) = ½ Yard (आधा गज)  = 0.4572 Meter (0.4572 मीटर) 1 Gattha ( 1 गटठा ) = 99 Inch (99 इंच) = 2.75 Yard (पौने तीन गज) = 2.5146 Meter (2.5146 मीटर) = 5 ½ Hath (साडे पॉच हाथ) 1 Jareeb ( 1 जरीब) = 1980 Inch (1980 इंच) = 110 Haath (110 हाथ) = 55 Yard (55 गज) = 50.292 Meter (50.292 मीटर) = 20 Gattha (20 गटठा)   Units for agriculture land / area measurement कृषि‍ में क्षेत्रफल मापने के मात्रक 1 Sq.Yard   (एक वर्ग गज) = 1296 Sq.Inch (1296 वर्ग इंच)  = 0.836127 Sq.Mt. (0.836127 वर्ग मीटर) 1 Unwansi (एक उनवांसी) = 24.5025 Sq.Inch (24.5025 वर्ग इंच) = 0.17015625 Sq.Feet (0.17015625 वर्ग फुट) 1 Kachwansi (एक कचवांसी) = 490.05 Sq Inch (490.05 वर्ग इंच) = 20 Unwansi (20 उनवांसी) = 3.403125 Sq Feet...