24 Oct Sustainable and Effective Wheat Production Technologies
गेहूँ उत्पादन की टिकाऊ एवं प्रभावी प्रौद्योगिकियाँ भारत में गेहूँ लगभग 31.17 मिलियन हैक्टर क्षेत्रफल पर उगाया जाता है जो कुल फसल क्षेत्रफल का 24.94 प्रतिशत है। जिसमें पाँच कृषि जलवायु क्षेत्र उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र, उत्तर पश्चिमी मैदानी क्षेत्र, उत्तर पूर्वी मैदानी क्षेत्र, मध्य क्षेत्र एवं प्रायद्वीपीय क्षेत्र शामिल हैं। वर्ष 2019-20 के दौरान इन क्षेत्रों का कुल खाद्यान्न उत्पादन में 36.79 प्रतिशत का योगदान है। गेहूँ दुनिया भर के सबसे महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थों में से एक है। यह लगभग 250 करोड़ से अधिक लोगों का मुख्य भोजन है, इससे दुनिया भर में खपत होने वाले प्रोटीन के 20 प्रतिशत हिस्से की पूर्ति होती है। गेहूँ भारत वर्ष की एक प्रमुख खाद्यान्न फसल होने के साथ-साथ, रोजगार एवं उत्पाद आधारित उद्योगों की संभावनाओं से भरपूर फसल है। भाकृअनुप-भारतीय गेहूँ एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल द्वारा अखिल भारतीय समन्वित गेहूँ एवं जौ अनुसंधान के माध्यम से विभिन्न कृषि-पारिस्थितिक स्थितियों के अनुकूल लगभग 480 से अधिक गेहूँ की किस्मों को विकसित किया जा चुका है। वर्ष 1950 से शुरुआत की गई पहली पंचवर्षीय योजना के बाद से प्रौद्योगिकी विकास, सेवाओं एवं सार्वजनिक नीतियों के पैकेज के कारण ‘गेहूँ मांगने की कटोरी‘ वाली छवि से देश ने खुद को बदल लिया है। जो अब दुनिया में गेहूँ उत्पादन क्षेत्र के मामले में दूसरे स्थान पर है।...