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अजोला उत्पादन इकाई Tag

Azolla is a boon for livestock राजस्थान की अर्थव्यवस्था में पश्‍ाुपालन की सदैव महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पशुपालन व्यवसाय लघू और सीमान्त किसानों, ग्रामीण महिलाओं और भूमिहीन कृषि श्रमिकों को रोजगार के पर्याप्त व सुनिश्‍चित अवसर देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ठोस आधार प्रदान करता है। प्राय: मानसून के अलावा पशुओं को फसल अवशेषों एवं भूसे आदि पर पालना पड़ता है जिससे पशुओं की बढोतरी, उत्पादन एवं प्रजनन क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इस समस्या से उभरने के लिए पशुपालकों को अजोला फर्न की खेती आश्‍वयक रूप से की जनीत चाहिए। अजोला के गुण:- अजोला जल सतह पर मुक्त रूप से तैरने वाली जलीय फर्न है। यह छोटे छोटे समूह में सद्यन हरित गुक्ष्छ की तरह तैरती है। भारत में मुख्य रूप से अजोला की जाति अजोला पिन्नाटा पाई जाती है। यह काफी हद तक गर्मी सहन करने वाली किस्म है। यह जल मे तीव्र गति से बढवार करती है। यह प्रोईन आव5यक अमीनो अम्ल, विटामिन (विटामिन ए, विटामिन बी-12 तथा बीटा कैरोटीन) विकास वर्धक सहायक तत्वों एवं कैल्श्‍ाियम, फॉस्फोरस, पोटेश्‍ाियम, फैरस, कॉपर एवं मैग्नश्‍ाियम से भरपूर है। इसमें उत्तम गुणवत्ता युक्त प्रोटीन एवं निमनलिखत तत्व होने के कारण मवेश्‍ाी इसे आसानी से पचा लेते है। शुष्क वजन के आधार पर इसमें 20-30 प्रति‍शत प्रोईन, 20-30 प्रति‍शत वसा, 50-70 प्रति‍शत खनिज ततव, 10-13 प्रति‍शत रेश्‍ाा, बायो-एक्टिव पदार्थ...