24 Jul अफ्लाटॉक्सिन जहर से मुर्गियों के विकास पर प्रभाव तथा बचाव
Effect and prevention of aflatoxin poisoning in poultry development भारत में कृषि का सबसे तेजी से बढ़ता क्षेत्र आज कुक्कुट पालन है। देश में कुक्कुट पालन का उत्पादन 851.81 मिलियन है, जो पिछली जनगणना 2012 की तुलना में 16.8% बढ़ा है। भारत में मुर्गी पालन जहा बड़े किसान का व्यापार है, वही छोटे किसानो जिनके पास जमीन का अभाव है उनकी इस पर रोजी रोटी इस पर निर्भर है। मुर्गी पालन भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दे रहा है, लेकिन लगातार बढ़ रही मुर्गी पालन में बीमारिया से इस पर गहरा आघात दिया है। अफ्लाटॉक्सिन क्या है? मुर्गियों में हो रही मृत्यु का बहुत बड़ा कारण अफ्लाटॉक्सिन का जहर भी है। यह अफ्लाटॉक्सिन्स दो प्रकार की फफूदी से होता है एक एस्पर्जिलस फ्लेवस और दूसरा एस्पर्जिलस पैरसिटीकस।अफ्लाटॉक्सिन चार प्रकार का होता है- अफ्लाटॉक्सिन (AF) बी1, बी2, जी1, जी2। खाद्य एवं कृषि संगठन ने अनुमान लगाया कि लगभग 25% मानव खाद्य पदार्थ और पशु आहार मयकोटॉक्सिन्स से भरे हुए हैं। प्रकृति में पहचाने गए ३५० मयकोटॉक्सिन्स में से सबसे अधिक, अफ्लाटॉक्सिन (AF) बी1, बी2, जी1, जी2, सिट्रिनिन्स (सीआईटी), फूमोनिंसिन (एफ), ऑक्रैटॉक्सिंस (ओटी) सबसे आम और महत्वपूर्ण पोल्ट्री राशन में पाए जाते है। इसकी जांच हम वैज्ञानिक विधि से भी कर सकते है। हाल के वर्षों में वैज्ञानिकों ने मायकोटॉक्सिन की निष्क्रियता के लिए प्राकृतिक उत्पादों की पहचान और...