Agriculture Knowledge for Everyone

आलू के रोग Tag

आलू पुटी कृमि (पीसीएन) एक महत्वपूर्ण कीट है जो दुनिया भर में आलू (सोलनम ट्यूबरोसम) की फसलों को प्रभावित करता है इसमें दो प्रजातियां शामिल हैं: ग्लोबोडेरा रोस्टोचिएन्सिस (पैथोटाइप Ro1 से Ro5) और ग्लोबोडेरा पैलिडा (पैथोटाइप Pa1 से Pa3)।...

5 Major Disease of Potato and their management आलू सब्जियों की मुख्य फसल है इसकी खेती भारत मे प्रमुख फसल के रूप से ली जाती है परन्तु रोगों के कारण इसकी खेती प्रभावीत हो रही हैं किसानो को 60-70 प्रतिशत तक नुकसान उठाना पड़ रहा है इस तरह के नुकसान से बचने के लिए की किसानों को आलू के प्रमुख रोगों एवं उनके उचित प्रबंधन की जानकारी आवश्यक है इस लेख का प्रमुख उद्देश्य किसानों को आलू के प्रमुख रोगों के लक्षणों कि जानकारी देना हैं ताकी वे उसे पहचान कर उस रोग का उचित प्रबंधन कर सकें। 1. आलू फसल मे अगेती अंगमारी या अर्ली ब्लाइट (Early Blight) यह रोंग फफूंद की वजह से होता है। इस रोग के प्रमुख लक्षण नीचे की पत्तियों पर हल्के भरे रंग के छोटे- छोटे पूरी तरह बिखरे हुए धब्बों से होता हैं। जो अनुकूल मौंसम पाकर पत्तियों पर फैलने लगते है। जिससे पत्तियॉ नष्ट हो जाती है । इस बिमारी के लक्षण आलू मे भी दिखते हैं भूरे रंग के धब्बें जो बाद मे फैंल जाते हैं जिससे आलू खाने योग्य नही रहता है। प्रबंधन:- बुवाई से पूर्व खेत की सफाई कर पौंधों के अवशेशो को एकत्र कर जला देना चाहिए। आलू के कंदो को एगेलाल के 0.1 प्रतिशत घोल में 2 मिंनट तक डुबाकर उपचारित करके बोना...