27 Nov Increasing production of wheat by adopting improved methods of scientific farming
वैज्ञानिक खेती के उन्नत तरीकों को अपनाकर गेहूं का उत्पादन बढ़ाऐं भारत में गेहूँ की खेती करीब 27 मिलियन हेक्टेयर में होती हैं, विगत 40 वर्षों में देश में गेहूँ उत्पादन में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की हैं और भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा गेहूँ उत्पादक देश बन गया हैं। बढ़ती हुई जनसंख्या को ध्यान में रखकर इस बात का अनुमान लगाया जा रहा हैं की अन्न की मांग प्रतिवर्ष 2% बढ़ेगी। इस मांग को पूरा करने के लिए उत्पादकता को बढ़ाना होगा, क्योंकि क्षेत्रफल के बढ़ने की संभावना नहीं के बराबर हैं। राजस्थान में गेहूँ का उत्पादन एवं उसका लाभांश, खेती की लागत के अनुरूप नहीं हैं। उन्नत तकनीको के प्रयोग द्वारा गेहूँ के उत्पादन को बढाया जा सकता है| गेहूँ की उन्नत किस्मो का प्रयोग गेहूँ की अधिक उपज लेने के लिए अपने क्षेत्र के लिए अनुमोदित उन्नत किस्म का चुनाव कीजिए। अच्छी उपज के लिए शुध्द प्रमाणित बीज उगाना चाहिए। किस्म पकने की अवधि (दिनों मे) औसत उपज (क्वि./हेक्टेयर) विशेषताए डी.पी.डब्ल्यू-621-50 120 52 पौधे की औसत ऊंचाई 100 से.मी. होती हैं। यह सभी प्रकार की रोलीयो के प्रति उच्च प्रतिरोधक क्षमता रखती हैं। इसके हजार दानो का वजन 36-40 ग्राम है| राज-1482 120-130 40 -50 यह द्विजीन बोनी किस्म हैं। पौधे की औसत ऊंचाई 85-110 से.मी. होती हैं। इसके दाने गोल आकार के सख्त व सुनहरी आभा वाले होते हैं। इसके पौधों में कल्ले काफी फूटते हैं। इसका...