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उर्वरकों की उपयोग क्षमता Tag

Fertilizers use efficiency to increase profit उर्वरको का सही समय व सही तरीके से उपयोग निष्चित ही इसकी उपयोग क्षमता बढ़ाता हैं। परिस्थिति अनुसार व फसल अनुसार उर्वरक देने से उपज मे भारी वृध्दि होती हैं। फसल की आवष्यकता के तत्वों को फसल में देने का अलग - अलग समय निम्नानुसार हैं। नत्रजन :- पौधो को नत्रजन की आवष्यकता वृध्दि के आरम्भ मे कम वृध्दि के समय अधिक व वृध्दिकाल व परिपक्कता के समय के बीच कम होती। अत: नत्रजन के उर्वरक की कुछ मात्रा बुआई के समय व शेष मात्रा वृध्दिकाल तक देते हैं।जो फसलें 4-5 महीने में पकती हैं उनको नत्रजन की कुल मात्रा दो बार में, जो 9 - 12 महीने में पकती है 3 - 4  बार में और जो इससे अधिक समय खेत मे खड़ी रहती है जैसे गन्नो की अधसाली फसल, नत्रजन की कुल मात्रा 4-5 बार में देते है। रेतीली मृदाओं मे नत्रजन की मात्रा को कई बार में देना आवष्यक है।फास्फोरस :- पौधों में फास्फोरस की आवष्यकता प्रारम्भ में ही जड़ों की वृध्दि के लिये होती हैं। जब पौधे अपनो कुल शुष्क भार का 1/3 हिस्सा तैयार कर लेते हैं। उस समय तक फास्फोरस की कुल आवष्यकता का 2/3 भाग मृदा से ग्रहण करते हैं। अत: फास्फोरस की कुल मात्रा फसल की बुआई के समय ही खेत...