07 Jan Different practices of Organic farming
जैविक खेती की विभिन्न क्रियाऐं कृषि उत्पादों की लगातार बढती जरूरत को पूरा करने के लिए व उत्पादन बढ़ााने के लिए किसान रासायनिक उर्वको का प्रयोग करते है । निरंतर रसायनो का उपयोग मानव एवं मृदा के स्वास्थ्य पर बहुत गलत तरीके से असर कर रहा हे।मृदा में क्षारीयता, कार्बनिक तत्वों का प्रमाण कम होना, मृदा, पर्यावरण, जल एवम वायु प्रदूषण जैसे अनिछनीय बदलाव मे रासायनिक उर्वको का भी योगदान है। रासायनिक उर्वको खेती का खर्च बढ़ा देते हे, इसी लिए किसानो की महेनत का ज्यादा लाभ नहीं मिल पाता। एसी स्थिति मे जैविक खेति एक मात्रा विकल्प हे जो मृदा, मानव को स्वस्थ रखती है, एवं किसानोंको मुनाफा भी देती है। जैविक खेती की व्याख्या: कृषि की पद्धति जिसमे रासायनिक उर्वको, किट नाशको तथा खरपतवार नासियो की जगह गोबर, कम्पोस्ट की खाद्य, बेक्टेरिया कल्चर , हरी खाद्य, जैविक कीटनाशीी, जैविक पाक, फसल अवशेषों आदि का उपयोग किया जाता है, उसका मुख्य मकसद मृदा की उर्वरता एवं भूमि की उत्पादक लम्बे समय तक अच्छी और टिकाव बानी रहे, एवम कम खर्च में ज़्यादा उत्पादन प्राप्त हो बिना किसी पर्यावरण और मृदा को हानि पहुचाए । जैविक कृषि की विभिन् न क्रियाऐं इस प्रकार है। भूमि उपचार: बोवाई पूर्व आखिरी जुताई से पहले ट्राइकोडर्मा को भूमि में मिलाइए। ट्राइकोडर्मा एक जैविक फुग है। २।५ किलो ट्राइकोडर्मा पावडर...