17 Aug कुसुमी लाख की खेती एवं कुसुम वृक्षों की खण्ड प्रणाली
Cultivation of Kusumi Natural Resin (Kusumi Lac) लाख (Lac) एक प्राकृतिक राल है जो मादा लाख कीट द्वारा मुख्य रुप से प्रजनन के पश्चात स्त्राव के फलस्वरुप बनता है। लाख कीट की दो प्रजातियां होती हैं जिन्हें कुसमी और रंगीनी कहते हैं। प्रत्येक प्रजाति से वर्ष में दो फसलें ली जाती हैं लेकिन पष्चिम बंगाल के कुछ समुद्री क्षेत्र के आस-पास बिलायती सिरिस पर एक वर्ष में तीन फसलें भी ली जाती हैं। लाख की खेती ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत है। हमारे देष में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहोॅं लाख का उत्पादन नियमित रुप से होता आ रहा है तथा दूसरे क्षेत्र भी हैं जहाॅं संसाधन तो उपलब्ध हैं लेकिन अज्ञानता के कारण संसाधनों का उपयोग नहीं हो रहा है। लाख उत्पादक क्षेत्रों में भी आधुनिक तकनीकी ज्ञान न होने के कारण उत्पादन उतना नहीं हो रहा है जितना हो सकता है। लाख की खेती के लिए मुख्य पोषक वृक्षों/ पौधों में कुसुम, पलास, बेर एवं सेमियालता का नाम प्रचलित है। इसके अलावा भी कई अन्य वृक्षों/ पौधों जैसे एकेसिया ऐरेबिका, ग्रेविया, अल्बीजिया ल्युसिडा, अल्बीजिया प्रोसेरा, सोरिया रोबस्टा, सोरिया तालुरा, कजानस कजन पर लाख का उत्पादन किया जाता है परन्तू इन वृक्षों या पौधों पर लाख का उत्पादन वाणिज्यिकी रुप से बहुत महत्वपूर्ण नहीं है। लाख पोषक वृक्षों में कुसुम (श्लेइचेरा ओलिओसा) वृक्ष का...